सिधौली इंस्पेक्टर आलोक मणि त्रिपाठी ने बताया कि मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। शिकायत करने वाले अरविंद ने काजल के साथ काम किया है। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पीड़ित का डॉक्टरी परीक्षण कराया है। जांच में उसके जन्मजात किन्नर न होने की पुष्टि हुई।
चुनाव लड़ चुका है आरोपी किन्नर
पुलिस की माने तो काजल किन्नर ने 2012 में नगर पंचायत सिधौली के अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा था। 2017 के नगर पंचायत चुनाव में उसका नंबर तीसरा था। कुछ समय पहले काजल किन्नर का नाम मंदिर पर कब्जे के मामले में आया था। अरविंद ने बताया कि काजल बनावटी किन्नर है। मौजूदा समय में सिधौली के गांधीनगर में रहती है।