सीतापुर। बेसिक शिक्षा विभाग में निपुण भारत अभियान के तहत निपुण असिस्मेंट परीक्षा का आयोजन मंगलवार को परिषदीय विद्यालयों में किया गया। परीक्षा में कई विद्यालयों में अव्यवस्थाएं हावी रहीं। कहीं पर शिक्षकों ने बोलकर प्रश्नपत्र हल करवाए तो कहीं पर शिक्षक नेटवर्क न होने की वजह से ओएमआर सीट को अपलोड करने में जूझते रहे। कई विद्यालयों में नौनिहालों ने जोश के साथ परीक्षा दी।
परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई। इसमें कक्षा एक से आठ तक के नौनिहालों ने प्रतिभाग किया। इस परीक्षा के जरिए नौनिहालों का मूल्यांकन किया जाएगा। नौनिहालों को मौखिक व ओएमआर सीट पर जवाब देना था। यह परीक्षा पूरे प्रदेश में पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर लखनऊ व अयोध्या मंडल में आयोजित हो रही है। परीक्षा को लेकर कई विद्यालयों में शिक्षकों की तरफ से जमकर लापरवाही बरती गई। कई जगहों पर नौनिहाल एक पास बैठकर परीक्षा देते दिखाई दिए। कई विद्यालयों में नौनिहालों को शिक्षक ने बोलकर प्रश्न पत्र हल करवाए।
विकासखंड कसमंडा के प्राथमिक विद्यालय कमलापुर व लुधौरी में छात्रों की संख्या बेहद कम दिखाई दी। नामांकित 177 में से 100 छात्र उपस्थित रहे। कंपोजिट विद्यालय सरैंया अकबरपुर में 208 में से 168 छात्राओं ने परीक्षा में प्रतिभाग किया। प्राथमिक विद्यालय रामपुर में 136 छात्राओं में से 106 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। ब्लॉक के विद्यालयों में स्कैनिंग होने की समस्या आई है। खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि स्कैनिंग समस्या पूरे ब्लॉक में आ रही है।
परीक्षा के बाद शिक्षकों को ऑनलाइन ओएमआर सीट अपलोड करनी थी। नेटवर्क न होने के कारण शिक्षक काफी परेशान रहे। बीएसए अजीत कुमार ने बताया कि पूरे जिले में शांतिपूर्ण तरीके से परीक्षा हुई।
शिक्षकों ने भरी ओएमआर सीट
गोंदलामऊ विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय हाजीपुर में एक साथ बैठकर परीक्षा देते हुए नौनिहाल दिखाई दिए। विद्यालय में एक से पांच तक में पंजीकृत छात्रों की संख्या 221 में से 208 बच्चे मिले। यहां पर बच्चे खाना खा रहे थे। शिक्षक ओएमआर सीट खुद ही भर रहे थे। बीईओ ने बताया कि मामले की जांच करवाई जाएगी।
जलभराव से गुजरकर दी परीक्षा
बिसवां विकासखंड के उच्च प्राथमिक विद्यालय बसुदहा के प्रांगण में पानी भरा है। मंगलवार को परीक्षा में नौनिहालों को सड़क से करीब तीन सौ मीटर तक पानी में होकर विद्यालय पहुंचना पड़ा। विद्यालय पहुंचते ही बच्चे फोटो खिंचवाने के लिए हाथों में ओएमआर शीट लेकर कक्ष से बाहर आ गए। प्रधानाध्यापक कुलदीप उपाध्याय और शिक्षक अश्विनी कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि विद्यालय परिसर नीचा होने से थोड़ी ही बारिश में पानी भर जाता है। बाढ़ का पानी भरने से समस्या और विकट हो गई है।
सर्वर डाउन होने से परेशान शिक्षक
एलिया विकाखखंड के प्राथमिक विद्यालय दहेलिया में एक ही कक्षा में कक्षा 4 व 5 के छात्रों को बिठाकर परीक्षा कराई जा रही थी। विद्यालय के 93 छात्रों में 80 बच्चे मौजूद थे। प्राथमिक विद्यालय बख्तावरपुर में परीक्षा होने के बाद कक्षा एक से कक्षा तीन तक के छात्र-छात्राओं की ओएमआर शीट अपलोड करते नजर आए। सर्वरडाउन होने के कारण काफी मशक्कत करनी पड़ी।
बोलकर कराई गई नकल
लहरपुर विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय बरगदहा में प्रधानाध्यापक वीरेश कुमार और शिक्षकों ने जमकर नकल कराई। नकल करते समय जब टीम पहुंची तो प्रधानाध्यापक भड़क गए। बोले पहले बीएसए की अनुमति दिखाओ, उसके बाद ही फोटो खीचो। उस समय वह नौनिहालों को बोलकर नकल करा रहे थे। पूरे दिन स्कूल में नकल होती रही। कोई भी पर्यवेक्षक व बीईओ ने निरीक्षण करना जरूरी नहीं समझा।
उत्सव के माहौल में हुई परीक्षा
महमूदाबाद विकासखंड के विद्यालयों में उत्सव की तरह परीक्षा आयोजित की गई। इस अवसर पर शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अपने विद्यालयों को होर्डिंग्स, गुब्बारा और अन्य वस्तुओं से सजाया। प्राथमिक विद्यालय बरगदिया, प्राथमिक विद्यालय उस्मानपुर, प्राथमिक विद्यालय मोतीपुर, प्राथमिक विद्यालय रजुवापुर, प्राथमिक विद्यालय पैगम्बरपुर, उनेरा, नाथुपुर, बाबूपुर, मदारपुर, कुरौली, अजीमाबाद सहित समस्त विद्यालय में आसानी से परीक्षा संपन्न हो गई।