सीतापुर। महिलाओं को कमरे में बंद कर पिटाई के आरोप में एसपी ने रामपुर मथुरा एसओ समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। महिलाओं ने इसकी शिकायत डीएम और एसपी से की थी। मामले की जांच में दोषी पाए जाने के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है। एसपी के आदेश पर आरोपियों के खिलाफ मारपीट की धाराओं में मुकदमा भी दर्ज किया गया है।
रामपुर मथुरा निवासी अन्नपूर्णा, लक्ष्मी देवी, राजकुमारी, गायत्री, रेखा ने आरोप लगाया था कि बीते 18 जून की सुबह पारिवारिक विवाद के चलते निरंकार शर्मा और ओमकार थाने में तहरीर देने गए थे। शाम तक वह वापस नहीं पहुंचे तो महिलाएं थाने पर पहुंच गईं। जहां पर उन्होंने दोनों युवकों को हिरासत में लेने का कारण पूछा। इतने में ही गुस्साए एसओ राम अवध चौहान ने सिपाहियों को बुलाकर महिलाओं को कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद पट्टे से पिटाई कर दी। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आठ लोगों का 151 में चालान कर दिया।
उच्चाधिकारियों से शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
पीड़ित महिलाओं ने डीएम और एसपी से मामले की शिकायत की। एसपी घुले सुशील चंद्रभान ने बताया कि मामले में आरोपी पाए जाने पर एसओ राम अवध चौहान, हेड कांस्टेबल कमलेश, महिला कांस्टेबल रचना को निलंबित कर दिया गया है। महिला की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ मारपीट की धाराओं में मुकदमा भी दर्ज किया जा रहा है। इनसेट
जांच में बचाते रहे सीओ
शिकायत होने के बाद मामले की जांच सीओ महमूदाबाद रविशंकर प्रसाद को दी गई थी। उन्होंने मामले से किनारा करते हुए आरोपियों को बचाने का प्रयास किया। उनके मुताबिक मारपीट के मामले में महिलाओं को चोट लगी थी। पुलिसकर्मियों ने उनकी पिटाई नहीं की थी। कमरे में बंद करके पिटाई करने का आरोप निराधार था। लेकिन एसपी ने शनिवार को कार्रवाई कर ही दी।