फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sitapur News: गांजर में बिगड़े हालात, बाढ़ की चपेट में 10 गांव

Tue, 09 Jul 2024 04:28 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
विज्ञापन
रामपुर मथुरा क्षेत्र के प्यारेपुरवा से पलायन करते ग्रामीण।
विज्ञापन
रामपुर मथुरा/रेउसा (सीतापुर)। सरयू और शारदा नदी की बेकाबू लहरों ने रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। सोमवार को सरयू का जलस्तर 85 सेमी बढ़कर 118.20 मीटर पर पहुंच गया। पानी अब खतरे के निशान से महज 80 सेमी नीचे है। गांजर में 10 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। करीब 35 गांव पानी से घिर गए हैं। कई गांवों के संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए हैं। लगभग 200 बीघा फसलें डूब गई हैं। बाढ़ आने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। गृहस्थी बटोरकर लोग छतों, तख्तों व चारपाई पर एकत्र कर रहे हैं। अफरातफरी के बीच ग्रामीण गृहस्थी समेटकर सुरक्षित ठिकाने की ओर पलायन भी करने लगे हैं। उधर, सोमवार को तीनों बैराजों से 6 लाख 64 हजार 514 क्यूसेक पानी फिर से छोड़ा गया है। यह पानी पहुंचने पर बाढ़ के हालात बेकाबू हो सकते हैं।
विज्ञापन

रामपुर मथुरा संवाद के अनुसार सरयू में उफान से तटवर्ती अंगरौरा, प्यारेपुरवा, चमरही व बाबाकुटी आदि गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। अंगरौरा में मुन्नू, मिश्री, तोर्रम, मंगम, सोहन, रत्ती, सेमऊ, दुजई, हरी, पिंटू, रघुनाथ, राम सागर, मुंशी, झाबर, विक्रम, सर्वजीत, नरेश, मुनेजर, गोगे, राधे और बहादुर के घरों में दो से तीन फीट बाढ़ का पानी भर गया है। निरंजनपुरवा, अखरी, हरिजन पुरवा, बक्सीपुरवा, सोती पुरवा, परमगोंडा व खुन्ना पुरवा समेत 20 से अधिक गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। इन गावों के करीब 40 परिवार पलायन कर चहलारी घाट-गणेशपुर तटबंध पर पहुंच रहे हैं। बलेसरपुरवा के वासुदेव ने बताया कि नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बलेसर पुरवा, अर्जुन पुरवा व चंद्रिका पुरवा गावों की करीब दो हजार की आबादी पूरी तरह पानी से घिरी हुई है। इन गावों को जाने के लिए नाव के अलावा कोई विकल्प नहीं है। करीब 60 बीघा फसलें पानी में डूब गई हैं।
रेउसा संवाद के अनुसार तराई क्षेत्र में बाढ़ आने से हालात बेहद खराब हो गए हैं। निर्मलपुरवा, आशारामपुरवा, संबारीपुरवा, संतरामपुरवा, रामलालपुरवा व लोधनपुरवा में बाढ़ का पानी भर गया है। जैतहिया, जंगलटपरी, गार्गीपुरवा, चौकीपुरवा, पासिनपुरवा, मरेली, ठेकेदारपुरवा, दर्जिनरेती, धूसेपुर, ग्योडीछोलहा समेत 20 गांव पानी से घिर गए हैं। बसंतापुर से गौलोक कोडर मार्ग, गुरगुचपुर के पास नकहिया जंगलटपरी मार्ग, ठेकेदारपुरवा मार्ग समेत कई संपर्क मार्गों पर बाढ़ का पानी भर गया है। करीब 150 बीघा खेत जलमग्न हो गए हैं। किसी भी समय बाढ़ का पानी 40 से अधिक गांवों के अंदर घुस सकता है। इससे ग्रामीण दहशत में हैं।
विज्ञापन


किस बैराज से छोड़ा गया कितना पानी
घाघरा बैराज- 2,77,797 क्यूसेक
बनवसा बैराज- 2,55,380 क्यूसेक
शारदा बैराज- 1,31,337 क्यूसेक


स्टड निर्माण ठप
रेउसा इलाके में गवढी व बजहा के मध्य बाढ़ की रोकथाम को लेकर बनाए जा रहे स्टड का काम अचानक शारदा व सरयू नदी में उफान आने से बाधित हो गया है। ग्रामीणों का कहना हैं कि अब तक कराया गया काम भी कारगर नहीं होगा।


ऊंचे स्थानों पर की जाने की अपील
सरयू का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। तटबंध के भीतर रहने वाले लोगों से ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की गई है। बाढ़ पीड़ितों के लिए तिरपाल व लंच पैकेट की व्यवस्था शीघ्र कराई जाएगी। ब्लॉक परिसर में बाढ़ चौकी व कस्बे के चार विद्यालयों को आश्रय स्थल के लिए चिह्नित किया गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कुल 16 नावों की व्यवस्था कर दी गई है। सभी जगह लेखपालों की तैनाती भी कर दी गई है।
- शिखा शुक्ला, एसडीएम महमूदाबाद

की गई नावों की व्यवस्था

बाढ़ प्रभावित इलाके में लगातार भ्रमण कर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। नावों की व्यवस्था कर दी गई है। हालात फिलहाल सामान्य हैं।
- मनीष कुमार, एसडीएम बिसवां

राहत व बचाव को लेकर मंथन
रामपुर मथुरा ब्लॉक के सभागार में सोमवार को बाढ़ की तैयारियों को लेकर महमूदाबाद तहसीलदार सुरभी रॉय की अध्यक्षता में बैठक की गई। इस दौरान पीडब्ल्यूडी विभाग से कोई प्रतिनिधि मौजूद नहीं रहा। इस बात को लेकर तहसीलदार ने काफी नाराजगी जाहिर की। बैठक में बाढ़ से बचाव व राहत कार्यों के लिए प्रधानों व कोटेदारों से विचार विमर्श किया गया। बैठक में नायब तहसीलदार दीनानाथ यादव, बीडीओ संदीप कुमार, चिकित्साधीक्षक डॉ. शुशील वर्मा, प्रभारी निरीक्षक कृष्ण नंदन तिवारी आदि लोग मौजूद रहे।


पूर्व सांसद ने कोल्हू पुरवा का किया निरीक्षण
लहरपुर (सीतापुर)। शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी के किनारे बसे गांवों पर बाढ़ व कटान का खतरा मंडराने लगा है। सोमवार को पूर्व भाजपा सांसद राजेश वर्मा ने लहरपुर क्षेत्र के कोल्हू पुरवा में कटान को रोकने के लिए बनाए गए स्टड का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि संभावित कटान वाले क्षेत्रों में सिंचाई एवं बाढ़ खंड का कोई भी अधिकारी कर्मचारी मौके पर नहीं मिला। अधिशासी अभियंता विशाल पोरवाल को अवगत कराते हुए तत्काल कार्रवाई करने के लिए कहा। नायब तहसीलदार अशोक यादव ने बताया कि क्षेत्र की सभी बाढ़ चौकियों पर 24 घंटे राजस्व कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें