महमूदाबाद (सीतापुर) कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में मौसेरे भाई-बहन ने आत्महत्या कर ली। युवती का शव फंदे से लटका मिला था जबकि युवक का शव घर में ही कुछ दूरी पर पड़ा था। उसके गले में रस्सी से बना फंदा कसा था। पुलिस का कहना है कि दोनों में प्रेम-प्रसंग था। दोनों ने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं।
केदारपुर गांव में पुरानी बाजार चमरहीटोला निवासी मोहिनी (25) का शव उसकी मौसी के घर में फंदे से लटका मिला। मौसेरे भाई राहुल (20) का शव भी घर में कुछ दूर पड़ा था। उसके गले में रस्सी से बना फंदा कसा था। परिजनों ने बताया कि मोहिनी का विवाह करीब पांच वर्ष पूर्व सदरपुर के सरैया महिपतपुर निवासी जितेंद्र के साथ हुआ था। जितेंद्र की लखनऊ में करीब दो वर्ष पूर्व मार्ग दुर्घटना में मौत हो गई थी। मोहिनी के दो बेटियां दीपांशी (4) व लाडो डेढ़ वर्ष हैं। वह पिछले करीब डेढ़ माह से अपने मायके चमरहीटोला में रह रही थी।
मोहिनी के पिता मयाराम ने बताया कि शनिवार दोपहर वह देवर लवकुश संग ससुराल जाने के लिए घर से निकली थी। जिसके बाद वे दोनों ही केदारपुर गांव चले गए। वहां पर लवकुश भी रुक गया। रविवार सुबह मोहिनी का शव फंदे से लटका मिला। वहीं मौसेरे भाई राहुल का शव घर में कुछ दूर पड़ा था। उसके गले में फंदे कसा था। राहुल की मां नन्हकी ने बताया कि शनिवार को मोहिनी अपने देवर के साथ आई हुई थी। सुबह करीब चार बजे उसने देखा कि उसके बेटे राहुल के गले में रस्सी कसी हुई थी। वह जमीन में पड़ा था। सीओ महमूदाबाद रविशंकर ने बताया कि मोहिनी व राहुल के बीच प्रेम-प्रसंग था। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
देवर करना चाहता था शादी
देवर लवकुश मोहिनी से शादी करना चाहता था। परिजनों की मानें तो मोहिनी भी शादी के लिए तैयार थी। इसी नवरात्र में दोनों का विवाह होना था। लवकुश उसके बच्चों की देखभाल भी करता था। वहीं पुलिस का कहना है कि परिजनों ने दोनों की शादी तय कर दी थी। लेकिन मोहिनी मौसेरे भाई राहुल से शादी करना चाहती थी। इससे क्षुब्ध होकर ही दोनों ने आत्महत्या कर ली है।
हत्या या आत्महत्या
राहुल का शव जमीन में पड़ा हुआ था। उसके गले में रस्सी कसी हुई थी। वहीं मोहिनी का शव छप्पर से बंधे फंदे से लटक तो रहा था लेकिन उसके दोनों पैर जमीन छू रहे थे। वहीं राहुल की मौत के बाद उसके परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। राहुल के पिता की बीमारी के चलते करीब छह माह पूर्व मौत हो गई थी। राहुल अपने पिता का कारोबार संभालता था। वह चप्पल जोड़ने व बनाने का काम करता था।