सीतापुर। अंतरजनपदीय तबादलों के बाद सिधौली, खैराबाद व कसमंडा ब्लॉक शिक्षकों की पहली पसंद बने हुए हैं। कारण यह है कि इन ब्लॉकों के स्कूल हाईवे किनारे पर पड़ते हैं। बेहतर आवागमन के साधन व राजधानी लखनऊ से नजदीक होने के चलते ये सभी शिक्षकों के लिए मुफीद हैं। अब तबादलों के बाद शिक्षकों की पोस्टिंग होनी है तो शिक्षक अभी से बेहतर स्कूलों में तैनाती के लिए जुगाड़ तलाशने में जुट गए हैं।
जिले से इस बार 937 शिक्षकों के तबादले हुए हैं। ये शिक्षक हापुड़, सहारनपुर, बाराबंकी, हरदोई, मथुरा, कासगंज, मुरादाबाद, प्रतापगढ़, मेरठ, शामली गए हैं। वहीं गैर जनपद से 487 शिक्षकों ने सीतापुर में घर वापसी की है। अब यह अपने तैनाती वाले जनपदों से कार्यमुक्त होकर सीतापुर बीएसए कार्यालय में जॉइनिंग करेंगे।
उसके बाद इनको स्कूलों का आंवटन किया जाएगा। लेकिन अभी से शिक्षक अपने परिचितों के जरिए सिधौली, खैराबाद व कसमंडा ब्लॉक में रिक्त विद्यालयों की जानकारी जुटाने में जुट गए हैं। मंगलवार को किसी का भाई तो किसी का दोस्त व पति बीएसए कार्यालय पहुंचा।
यहां पर रिक्त विद्यालयों की जानकारी की। इन लोगों की हाईवे किनारे बने विद्यालय पहली पसंद बने हुए हैं। मोहित ने बताया भाई का बहराइच से ट्रांसफर हुआ है। वह लखनऊ में रहते हैं। ऐसे में अगर सिधौली का कोई विद्यालय मिल जाए तो लखनऊ से आने-जाने में कोई दिक्कत नहीं होगी।
हर्ष ने बताया कि तबादला होने के बाद पत्नी सीतापुर आ रही हैं। शहर में रहते हैं। अगर खैराबाद व एलिया का कोई विद्यालय मिल जाए तो बेहतर रहेगा। क्योंकि इन ब्लॉकों के स्कूल सड़क के किनारे हैं। आने-जाने में कोई दिक्कत नहीं आएगी।
480 शिक्षकों की हुई कमी
अंतरजनपदीय तबादलों से जिले में इस बार फिर से शिक्षक व नौनिहाल अनुपात बिगड़ गया है। जिले से जाने वालों की संख्या काफी अधिक रही है। 967 शिक्षक तो चले गए हैं, लेकिन आने वालों की संख्या महज 487 है। ऐसे में जिले में 480 शिक्षकों की कमी हो गई है। यह कमी नई भर्ती निकलने पर ही पूरी होने की उम्मीद की जा रही है। अगर इससे पहले की बात की जाए तो 2021 में जिले से करीब 1100 शिक्षकों के तबादले हुए थे। गैर जनपद से केवल 425 ही शिक्षक आए थे। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ है।
आदेश के अनुसार होगी कार्रवाई
स्थानांतरण के बाद अब शिक्षकों को कार्यमुक्त किया जाएगा। इसके लिए शासन के आदेश का इंतजार हो रहा है।
अजीत कुमार, बीएसए