भागवत कथा कहते सुप्रसिद्ध कथाव्यास इंद्रेश महाराज ।
- फोटो : भागवत कथा कहते सुप्रसिद्ध कथाव्यास इंद्रेश महाराज ।
नैमिषारण्य (सीतापुर)। श्रीमद्भागवत को भगवान श्रीकृष्ण का रूप माना जाता है। यह बात हनुमान गढ़ी परिसर में महंत बजरंग दास के सानिध्य में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के समापन पर प्रसिद्ध कथाव्यास इंद्रेश महाराज ने कही। उन्होंने नारद-कंस संवाद, अक्रूर का वृंदावन गमन प्रसंग का वर्णन किया। महाराज ने कहा कि कथामंच से श्रीकृष्ण की वृंदावन से विरह लीला का वर्णन बहुत ही कठिन है। इसके बाद कंस वध, वसुदेव-देवकी की कारागार से मुक्ति, अवंतिका धाम में गुरु सांदीपनि से शिक्षा ग्रहण, सुदामा से मित्रता, उद्धव-गोपी संवाद का रसमय व्याख्यान किया। कथा के समापन पर महंत बजरंगदास ने कथाव्यास इंद्रेश, भजन सम्राट नंद किशोर भैया नंदू के प्रति आभार व्यक्त किया। कथा सत्र की समाप्ति पर बड़ी संख्या में भक्तों ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया।