जहांगीराबाद (सीतापुर)। बिसवां विकास खंड की ग्राम पंचायत जहांगीराबाद में दस साल पहले बनी पानी की टंकी महज शोपीस बनी है। घर-घर नल योजना के तहत स्वच्छ पेयजल सप्लाई के लिए पांच साल पहले हुए पेयजल कनेक्शनों के बाद भी पानी की सप्लाई अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। जल कल विभाग के लापरवाह अफसर क्षेत्रीय लोगों को पानी की एक बूंद तक उपलब्ध नहीं करा पाए हैं।
इसके चलते जहांगीराबाद ग्राम पंचायत के मजरा गांव फरदापुर, मवासेपुर, मीनापुर और गनुवापुर सहित करीब दो दर्जन मजरो के निवासियों को पेयजल की किल्लत से जूझना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्मित पानी की टंकी पहले ट्रायल में ही फेल हो गई थी। इतना ही नहीं जब टंकी से सप्लाई के लिए पाइपलाइन बिछाई गई तो घटिया कार्य के कारण सभी पाइप लाइनों से भी जगह-जगह लीकेज होने लगी थी। इसी कारण पूरे इलाके में घर घर नल योजना के तहत लगे नलों की टोंटी से पानी मिलना अभी भी महज सपना बना है।
ट्रांसफॉर्मर भी फुंका, जंग खा रही मशीनें
जिस परिसर में पानी की टंकी बनी है वहां दो जेनेरेटर रूम भी बने हैं। देखभाल न होने से जनरेटर रूम का सामान भी अस्त व्यस्त है जबकि आपरेटर कभी भी ड्यूटी पर नहीं आता है। यहां रखा एक ट्रांसफार्मर फुंक चुका है जबकि दूसरा भी पेड़ की डाल टूटकर गिरने से क्षतिग्रस्त है। बिजली बिल जमा न होने के कारण टंकी परिसर की बिजली सप्लाई भी वर्तमान में बंद है।
यह टंकी ग्राम पंचायत को हैंड ओवर की जा चुकी है। अब उसे ही इसके संचालन की जिम्मेदारी संभालनी चाहिए। यह टंकी कब और कितनी लागत में बनी व किस कार्यदायी संस्था ने बनवाई, इसका रिकार्ड फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
सुरजीत सिंह, जेई जल निगम (ग्रामीण), विकास खंड बिसवां