सीतापुर। जिले के 66 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन हुआ। इस मेले में कई जगहों पर दवाओं की कमी नजर आई तो कई जगहों पर पूरा स्टॉफ नहीं मिला। अधिकतर केंद्रों पर खुजली, मलेरिया व दांत से जुड़े रोगों की दवाओं की कमी रही। इसके चलते मरीजों को बाहर से दवा खरीदनी पड़ी।
जिले के किसी भी केंद्र पर आयुर्वेद व एलोपैथ व होम्योपैथ के एक साथ चिकित्सक नहीं मिले। कहीं पर आयुर्वेद के मिले तो कहीं पर एलोपैथ के चिकित्सक इलाज कर रहे थे। इस दौरान करीब साढ़े तीन हजार मरीजों ने इलाज करवाया। सीएमओ डॉ. मधु गैरोला ने बताया जिन केंद्रों पर दवा की कमी है उनको सीएचसी से दवा लेने के निर्देशित कर दिया गया है।
मलेरिया की नदारद मिली दवा
विकासखंड ऐलिया के दो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों टिकराजार व नेरी में मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन महज खानापूर्ति बनकर रह गया है। दोनों स्वास्थ्य केंद्रों पर सिर्फ एक आयुष चिकित्सक के द्वारा रोगियों का इलाज किया गया। स्वास्थ्य मेले में आने वाली गर्भवती महिलाओं की समस्या भी इन्ही चिकित्सकों द्वारा हल की जाती रही। मच्छर जनित बुखार जैसे मलेरिया से निपटने के लिये क्लारोक्वीन दवा स्वास्थ्य केंद्रों पर नहीं मिली है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टिकरा में चिकित्सक डॉ. गौरव वैश्य ने बताया कि 28 मरीज पहुंचे थे।
खुजली की नहीं मिला मरहम
शहर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दुर्गापुरवा, इस्माइलपुर व सदर बाजार में मरीजों की संख्या गर्मियों में बेहद कम नजर आई। यहां पर भी केवल एक ही चिकित्सक मौजूद मिले। मरीज इस्माइल ने बताया खुजली कई दिनों से होने पर यहां पर दवा लेने आए थे। लेकिन खुजली का मरहम नहीं मिला है। अब बाजार से दवा खरीदनी पड़ेगी।
दांत की दवा की रही कमी
सीएचसी सांडा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मुरथाना में 25, रेवान में 22, खानपुर में 24, सकरन में 27 व महराजनगर में 25 मरीजों ने इलाज करवाया। सुबह यहां पर मरीजों की भीड़ नजर आई। दिन चढ़ने के साथ ही मरीजों की संख्या कम होती चली गई। यहां पर दांत की बीमारी की कोई दवा मौजूद नहीं मिली। इससे मरीजों को बाहर से खरीदनी पड़ी।