रामपुर मथुरा/रेउसा। तराई इलाके में खतरे की घंटी बज गई है। सरयू नदी खतरे के निशान को पार कर 20 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। इससे महमूदाबाद व बिसवां तहसील के करीब 30 गांव पानी से घिर गए है। चार गांवों के अंदर पानी घुस गया है। इससे ग्रामीणों के सामने खाना बनाने से लेकर आवागमन का संकट उत्पन्न हो गया है। तहसील प्रशासन ने ग्रामीणों से सुरक्षित स्थान पर पहुंचने की अपील की है।
जिले में शारदा व सरयू नदियों के जलस्तर में रोजाना इजाफा हो रहा है। महमूदाबाद तहसील के अटौरा के फत्तेपुरवा में लगे मीटर गेज पर सोमवार को जलस्तर खतरे के निशान 119 सेंटीमीटर से 20 सेंटीमीटर अधिक हो गया है। सरयू नदी के बढ़े जलस्तर से अखरी, अंगरौरा, बगस्ती, शंकरपुरवा, निरंजनपुरवा, अर्जुनपुरवा, बलेसरपुरवा, चन्द्रिकापुरवा, कैलाशपुरवा, कनरखी घाट, हरिपुरवा व सोंतीपुरवा सहित 13 गांव पानी से घिर गए हैं।
बलेसरपुरवा, सोंतीपुरवा, हरिहरपुरवा, अखरी व अंगरौरा में गांव के अंदर पानी पहुंच गया है। लोगों के घरों में भी बाढ़ का पानी पहुंचने से समस्या उत्पन्न हो गई है। इन गांवों को जाने वाले मार्गों पर भी बाढ़ का पानी तेजी से भर रहा है। जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो करीब 20 हजार की आबादी प्रभावित होगी।
कनरखी व अखरी आदि गांवों के लोगों ने बताया कि प्रशासन की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की गई है। राजस्व निरीक्षक रमाकांत अवस्थी ने बताया कि कई गांव बाढ़ के पानी से घिर गए है। बिसवां तहसील में नदियों का जलस्तर बढ़ने से गांवों के किनारे पहुंच रहा है। नदियों से जुड़े नाले उफना गए है। पासिन पुरवा, जटपुरवा, म्योडी छोलहा, ताहपुर बजहा, कमभरिया, शेखूपुर, दुर्गापुरवा, रामलालपुरवा, नगीनापुरवा, त्यागी महराज कुटी, गौड़ी आदि गांवों के पास पानी हिलोरे मार रहा है। अभी गांवों के अंदर पानी नहीं पहुंचा है। तहसीलदार अविचल प्रताप सिंह ने बताया कि जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों को अलर्ट कर दिया है। पानी पर नजर रखी जा रही है।
घड़ियाल दिखने से दहशत
नदियों का जलस्तर बढ़ने से अब जीवजंतु भी पानी में आने शुरू हो गए है। सोमवार को बिसवां तहसील के गोलोक व पासिनपुरवा के निकट एक घड़ियाल पानी से निकलता हुआ देखा गया। ग्रामीणों ने बताया कि यह दो दिन से यहीं पर है। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। रेंजर कमल अहमद टीम भेजकर दिखवाने की बात कही। मौके पर कोई नहीं पहुंचा। इससे ग्रामीणों में दहशत है।
लगा दी गई हैं नावें
महमूदाबाद तहसील के 13 गांव बढ़े हुए जलस्तर की चपेट में आ गए है। प्रति गांव चार-चार नावें लगा दी गई हैं। तटबंध, पानी व लाइट की व्यवस्था करवा दी गई है। प्रभावित लोगों का सर्वे शुरू करा दिया गया है। हरसंभव मदद करने की कोशिश की जा रही है। अगर जरूरत पड़ती है तो लंच के पैकेट वितरित करवाएं जाएंगे।
- मिथलेश त्रिपाठी, एसडीएम, महमूदाबाद