सीतापुर। पीएम किसान सम्मान निधि पाने के लिए भूलेख अंकन होना और बैंक खाता आधार सीडेड कराया जाना आवश्यक है। साथ ही ई केवाईसी भी कराना होता है। ऐसा न करने पर संबंधित किसानों को सम्मान निधि का लाभ नहीं मिल पाता। बावजूद इसके करीब एक लाख से अधिक ऐसे किसान हैं जिनकी ओर से बैंक खातों को आधार सीडेड नहीं कराया गया है। भूलेख अंकन और ई केवाईसी का काम भी अधूरा है।
किसान सम्मान निधि योजना के तहत शीघ्र ही 13वीं किस्त भारत सरकार की ओर से जारी की जानी है। नवीन व्यवस्था के तहत आगामी किस्त उन्हीं किसानों के खाते में भेजी जा सकेगी जिनका भूलेख अंकन हो गया है और ईकेवाईसी करा लिया गया हो। इसके साथ ही बैंक खाते का आधार सीडेड और एनपीसीआई से लिंक होना अनिवार्य है।
जिले में छह लाख 61 हजार 564 किसान लाभार्थी हैं। इसके सापेक्ष पांच लाख 97 हजार 93 किसानों ने आधार की सीडिंग करा ली है। इसी तरह एक लाख से अधिक किसानों के भूलेख का सत्यापन नहीं हो सका है। ई-केवाईसी की स्थिति भी ठीक नहीं है। 71 फीसदी किसानों ने ही ई-केवाईसी कराया है।
डाकघर में खाता खुलवाकर ले सकते हैं लाभ
जिन किसानों को ई-केवाईसी कराने में दिक्कत है। वह पोस्ट ऑफिस जाकर इंडिया पोस्ट पेमेन्ट बैंक में सौ रुपये से अपना खाता खुलवा सकते हैं। इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक में खाता खोलने से खाताधारक की आधार सीडिंग स्वयं हो जाती है और बैंक प्रतिनिधियों की ओर से ई-केवाईसी प्रक्रिया भी कर दी जाती है। इससे किसानों की ओर से ईकेवाईसी पर होने वाले खर्च की बचत होगी और आधार सीडिंग/खाते को एनपीसीआई से लिंक कराने के लिए बैंक नहीं जाना होगा।
उप कृषि निदेशक डा. एसके सिंह ने किसानों से अनुरोध किया है कि दोनों विकल्पों में से किसी एक विकल्प को चुनकर ई-केवाईसी और अपने बैंक खाते की आधार सीडिंग जल्द से जल्द करा लें। इससे किस्त हासिल करने में कोई समस्या न होगी।