सीतापुर। जिले में शनिवार को हुई जोरदार बरसात से शहर के 20 से अधिक मोहल्लों में जलभराव हो गया। इससे करीब 50 हजार की आबादी प्रभावित हुई है। जलनिकासी न होने से नाला नालियां चोक हो गए। प्रमुख मार्गों व खाली पड़े प्लाटों में पानी भर गया। इससे लोगों को आवागमन में काफी अधिक दिक्कतें आईं। करीब तीन घंटे तक हालात खराब रहे। उसके बाद पानी घटने से आवागमन बहाल हो सका। गल्ला मंडी में पानी भरने से किसानों को दिक्कतें आईं।
जिले में शुक्रवार रात से ही बरसात शुरू हो गई थी। शनिवार सुुबह तक हालात सामान्य रहे। करीब 11 बजे से बरसात शुरू हो गई। कुछ ही देर बाद जोरदार बरसात होने लगी। सड़क पर निकलते समय लोग भीगते हुए नजर आए। बरसात के कारण कलेक्ट्रेट परिसर, तहसील परिसर, विकास नगर, खूबपुर, पूर्णागिरि नगर, पुराना सीतापुर, आनंद नगर सहित शहर के 20 से अधिक मोहल्लों में जलभराव हो गया।
नाला नालियां चोक हो गए। इससे मोहल्लों के प्रमुख मार्गों पर जलभराव हो गया। कई घरों के अंदर तक पानी पहुंच गया। मोहल्लों में खाली पड़े प्लाट तालाब जैसे नजर आए। विकास नगर मोहल्ले के सौरभ मिश्र ने बताया कि नगर पालिका ने बरसात से पहले नाला सही तरीके से साफ नहीं कराया था। अगर नाला साफ हो गया होता तो आज मोहल्ले में जलभराव नहीं होता। सीतापुर से लखीमपुर जाने वाले मार्ग पर महर्षि विद्या मंदिर के पास सड़क टूटी होने से पानी भर गया।
इस पानी के बीच से होकर लोग निकलने को मजबूर रहे। कई बार यहां पर वाहन पलटने की भी समस्या आती रही। गल्ला मंडी परिसर में नाला पूरी तरह से चोक हो गए। इससे परिसर पानी से लबालब दिखाई दिया। किसानों को यहां पर अपनी फसल बेचने के लिए काफी दिक्कतें आई। करीब तीन घंटे बाद जब पानी कम हुआ तो हालात सामान्य हुए।
कई इलाकों की बिजली गुल
शनिवार को हुई जोरदार बरसात से कई इलाकों की बिजली गुल रही। शहर के भवानीपुर फीडर में फॉल्ट आ जाने के कारण दोपहर में करीब दो घंटे तक बिजली नहीं आई। इसकी वजह से विकास नगर, खूबपुर, नवीन चौक सहित कई इलाकों में काफी दिक्कतें आईं। इसी तरह रामपुर मथुरा, लहरपुर, पिसावां, महमूदाबाद, रेउसा सहित कई इलाकों में बिजली नहीं आई। लंबी कटौती होने से व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हुआ। लोगों के घरों में रखे इन्वर्टर डिस्चार्ज हो गए। इससे लोगों को काफी दुश्वारियां उठानी पड़ीं।