सीतापुर। टमाटर के दाम में अचानक जमीन-आसमान का फर्क आ गया है। इसके बावजूद किसानों को उनकी मेहनत का पैसा नहीं मिल रहा है। थोक बाजार में भी उनको काफी कम दाम मिल रहे हैं। वहीं काफी समय से बारिश न होने से किसानों को बहुत नुकसान हुआ है।
बढ़ी कीमतों ने टमाटर को आम इंसान की थाली से गायब कर दिया है। पिछले सप्ताह बाजार में टमाटर 20 रुपये प्रतिकिलो बिक रहा था। दो दिन में ही दाम बढ़कर 40-60 और फिर 100 रुपये प्रतिकिलो पहुंच गए। किसानों के मुताबिक आढ़तिये खेत से 30 रुपये प्रतिकिलो देकर टमाटर खरीद रहे हैं। सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि मंडी में आवक कम होने से टमाटर महंगा हो गया है।
टमाटर का भंडारण बढ़ा रहा मुसीबत
महमूदाबाद के कुरैली निवासी किसान उमेश मौर्या का कहना है कि खेत से थोक रेट पर टमाटर अब 30 रुपये प्रतिकिलो बिक रहा है। किसान के मुताबिक टमाटर का भंडारण कर लोग उसकी कीमतें बढ़ा रहे हैं। जिसका असर जनता पर पड़ रहा है। उसने बताया कि उसने डेढ़ बीघा टमाटर लगाया था। किसान के मुताबिक बाहर से आवक कम हुई है। लेकिन इतनी भी कम नहीं हुई है कि लोग उसे तीन गुना दामों पर बेच रहे हैं।
देर से हुई बारिश से सूखी फसलें
उमेश ने बताया कि इस बार गर्मी भीषण हुई। जिसके कारण फसल सूख गई। इसका असर पैदावार पर पड़ गया। यही हाल हर क्षेत्र में हैं। इस वजह से दामों में उछाल तो आना था पर इतना नहीं जितना मौजूदा समय में है।
अन्य सब्जियां भी हुई महंगी
मंहगाई के चलते जहां टमाटर लाल हुआ है। वहीं अन्य सब्जियां भी महंगी हो गई हैं। दाल के बाद अब सब्जियों से काम चलाने वाली महिलाओं को अच्छी खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सब्जी अब पहले
मिर्च 80 40
कद्दू 40 20
घुईंया 60 40
लहसुन 140 80
लौकी 40 30