रेउसा/सीतापुर। पहाड़ों पर बारिश से जिले में सरयू व शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। गांजर में होकर बहने वाली इन नदियों के तटवर्ती निचले भू-भाग की ओर पानी का बहाव है। हालांकि अभी बाढ़ जैसे कोई हालात नहीं हैं। हालांकि नदी के तटवर्ती इलाके में बसे गांवों के लोग सहमे दिखाई दे रहे हैं। तटीय क्षेत्र के ग्रामीणों की मानें तो ऊंचे स्थानों पर अभी भी चमकीले रेत के टीले दिखाई पड़ रहे हैं। मगर निचले भू-भागों में पानी का फैलाव होना खतरे की घंटी है।
ब्लॉक रेउसा क्षेत्र में सरयू नदी के किनारे बसे पासिन पुरवा, लोधन पुरवा, मरेली, लाला पुरवा, नया निर्मलदास पुरवा आदि हर साल बाढ़ आने पर सबसे पहले बेकाबू लहरों के निशाने पर आते हैं। यहां के संतोष कुमार, दिनेश यादव, पुत्ती सेठ, मुनीम यादव, पैकरमा, लाल सिंह, सुरेश, नरेश, महेश, छोटे कोटेदार व अन्य ने बताया कि अभी नदी का पानी किनारों से काफी दूर है। बारिश होने के बाद सरयू नदी का पानी किनारों की ओर बढ़ने लगा है। निचले क्षेत्रों की ओर पानी का बहाव तेज हो गया है। आस-पड़ोस के नालों में भी पानी पहुंचने लगा है। बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए ग्रामीणों ने ईंधन के साथ मवेशियों के लिए चारे का प्रबंध अभी से करना शुरू कर दिया है।
बाढ़ जैसे कोई हालात नहीं, हमारी तैयारी पूरी
सरयू व शारदा नदियों का जलस्तर अभी नहीं बढ़ा है। बैराजों से भी पानी नहीं छोड़ा गया है। बारिश के चलते भले ही निचले क्षेत्रों में पानी नजर आने लगा हो। नदियों का मामूली जलस्तर बढ़ना सामान्य प्रक्रिया है। बाढ़ जैसे कोई हालात फिलहाल नहीं हैं।
- पीएल मौर्य, एसडीएम बिसवां