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Sitapur News: अवैध अस्पताल में प्रसूता की मौत, परिजनों का हंगामा

Thu, 17 Aug 2023 10:38 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
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इमलिया सुल्तानपुर(सीतापुर)। सीतापुर-गोला मार्ग पर संचालित एक अवैध अस्पताल में बुधवार रात प्रसव के बाद एक महिला की मौत हो गई। इससे आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल के बाहर शव रखकर चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर अस्पताल में ताला लगा दिया गया है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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निजामपुर मजरा देवई में एक अस्पताल चल रहा था। बुधवार रात ग्राम पारा थाना इमलिया सुल्तानपुर निवासी सावित्री (20) को प्रसव पीड़ा होने पर भर्ती कराया गया था। देर रात नार्मल डिलीवरी हो गई थी। सावित्री ने एक बच्चे को जन्म दिया था। गुरुवार सुबह अचानक महिला की हालात बिगड़ गई। कुछ ही देर में प्रसूता ने दम तोड़ दिया। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे परिजन व ग्रामीणों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। इससे अफरातफरी मच गई।
अस्पताल कर्मी कुछ ही देर में वहां से भाग निकले। पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों को दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन देकर किसी तरह शांत कराया। इसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उधर, खबर पाकर सीएचसी की टीम भी पहुंची। इस दौरान अस्पताल में कोई नहीं मिला। टीम के सदस्य फार्मासिस्ट धीरेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि अस्पताल में दवाएं, बेड व अन्य चिकित्सीय उपकरण मौजूद मिले। अस्पताल के पंजीकरण संबंधी कोई प्रपत्र न होने के कारण परिसर में ताला लगा दिया गया है।
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पुलिस पर भी लगे आरोप
सावित्री के पिता प्रेम कुमार ने बताया कि करीब 15 दिन पूर्व उरदौली के किसी चिकित्सक ने सावित्री के गर्भाशय में गांठ व अन्य समस्या बताई थी, जिससे नार्मल डिलीवरी हो पाना असंभव है। इसके बावजूद दामाद ने बेटी को इस अवैध अस्पताल में भर्ती करा दिया। इस अस्पताल में कोई प्रशिक्षित डाॅक्टर मौजूद नहीं है। बेटी की मौत की खबर मिलने पर परिजनों ने शव अस्पताल के सामने रखकर प्रदर्शन किया। सभी डाॅक्टरों को बुलवाने की मांग की अड़ गए। आरोप है कि इस दौरान घटनास्थल पर मौजूद एसआई बाबू खां ने महिलाओं के साथ अभद्रता की। उन्होंने जबरदस्ती शव को पिकअप में डालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।

रसूख के दम पर बिना पंजीकरण चल रहा था अस्पताल
अस्पताल का संचालन जिस भवन में हो रहा था। वह जमीन ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि संजय सिंह के भाई जय प्रकाश सिंह की है। बाहर अस्पताल का बोर्ड लगा था। पंजीकरण न होने के कारण बधाई संदेश की एक होर्डिंग्स लगाकर बोर्ड को ढक दिया गया था। जब महिला की मौत हुई तो गुस्साए परिजनों ने होर्डिंग को फाड़ दिया जिससे नीचे अस्पताल का बोर्ड साफ साफ नजर आने लगा।

पहले भी हुई घटना, नाम बदलकर होता रहा संचालन
इससे पहले भी इमलिया सुल्तानपुर में अवैध रूप से संचालित अवध अस्पताल में एक प्रसूता की मौत हो गई थी। परिजनों ने काफी हंगामा किया था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने करीब दो माह पहले अवध अस्पताल को बंद करा दिया था। चर्चा है कि अवध अस्पताल के सभी कर्मचारी अब इस अस्पताल में काम करने लगे थे।
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