सीतापुर। कृषि विज्ञान केंद्र, कटिया की ओर से एलिया ब्लॉक की ग्राम पंचायत रामनगर में मोटे अनाज से बने व्यंजनों की प्रतियोगिता हुई। इसमें ग्रामीण महिलाओं ने स्वादिष्ट व्यंजन बनाए। मिलेट कतली को पहला स्थान मिला। काकुन भात दूसरे नंबर पर रहा। बाजरे के लड्डू को तीसरा स्थान मिला।
मिलेट कतली बनाकर पहला स्थान पाने वाली पूनम श्रीवास्तव बताती हैं कि यह कतली हमारे घरों में वर्ष भर खाया जाता है। लेकिन सर्दियों में इसे खास पसंद किया जाता है। ये खाने में स्वादिष्ट होते हैं। सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसे बनाने में बहुत ही कम सामग्री लगती है।
द्वितीय स्थान काकुन भात ने प्राप्त किया, जिसे तारा देवी ने तैयार किया। इनका मानना है कि काकुन भात खाने में हल्का होने के साथ-साथ स्वास्थ्यवर्धक भी है। यह जल्दी पच जाता है। वजन कम करता है। मधुमेह को नियंत्रण करने में मदद करता है। इससे खीर, उपमा, पुलाव, हलुवा आदि भी बना सकते हैं। बाजरा के लड्डू बनाकर तीसरा स्थान पाने वाली पूनम श्रीवास्तव बताती हैं कि भारतीय घरों में लड्डू सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है।
लड्डू बनाने और खिलाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। हालांकि वक्त के साथ लोग लड्डू खाने से परहेज करने लगे हैं। चीनी और घी की वजह से आजकल लोग लड्डू को सेहत की दृष्टि से ठीक नहीं मानते हैं। जिसकी वजह से मन होते हुए भी कई लोग लड्डू खाने से बचते हैं। मगर ये लड्डू सुपरफूड बाजरे और गुड़ को मिलाकर बनाए जाते हैं। बाजरे के लड्डू न सिर्फ स्वाद में उत्तम होते हैं बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद मानें जाते हैं।
प्रतियोगिता समन्वयक गृह वैज्ञानिक डाॅ. रीमा ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य सही खाने के आदतों से नई शुरुआत करना है। जनमानस के दैनिक आहार में मोटे अनाजों (मिलेट्स) के उपयोग को प्रोत्साहित करने के मैसेज का प्रचार-प्रसार करना है।
सालभर होंगे कार्यक्रम
कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक व अध्यक्ष डाॅ. दया शंकर श्रीवास्तव ने बताया कि हमारा केंद्र वर्ष 2023 अंतरराष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष के क्रम में इस तरह के कार्यक्रमों को वर्षभर आयोजित करेगा। इसके लिए कार्ययोजना बनाई गई है। विभिन्न तरीकों से कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।