पिसावां (सीतापुर)। भतीजी को दिनदहाड़े मौत के घाट उतारने की वारदात से बाजनगर गांव में सनसनी फैल गई। घटनास्थल पर भीड़ जुट गई और लोग भयभीत हो गए। घटना का पता चलने पर एसपी घुले सुशीलचंद्रभान, अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी एनपी सिंह, पिसावां के प्रभारी निरीक्षक कुशमेश सिंह मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने भी आवश्यक नमूने जुटाए।
... तो शुक्रवार को ही गांव आई थी संतरा
पुलिस का दावा है कि संतरा रूपचंद्र के साथ एक माह पहले ही गांव आ गई थी, लेकिन रूपचंद्र की मां गुड्डी देवी इसे गलत बताती हैं। गुड्डी देवी का कहना है कि संतरा शुक्रवार को ही गांव आई थी। रूपचंद्र के दो मकान हैं। एक मकान में उसकी पहली पत्नी और बच्चे रहते हैं, जबकि दूसरे मकान में गुड्डी अकेली रहती थी। गुड्डी वाले मकान में ही संतरा आई थी और यहीं से उसका चाचा घसीटते हुए ले गया और हत्या कर दी।
लोगों ने चिढ़ाया तो गुस्सा आ गया, पछतावा नहीं...
सूत्रों के मुताबिक श्यामू सिंह ने पुलिस को पूरी हकीकत बता दी। श्यामू का कहना था कि लोग दबी जुबान से रूपचंद्र और संतरा के साथ चले जाने की बात करते थे, लेकिन शुक्रवार को कुछ लोगों ने यहां तक कह दिया कि वह गांव में ही आकर रहने लगे और तुम लोग कुछ नहीं कर पाए। इसी बात पर श्यामू को गुस्सा आ गया और उसने हत्या करने की ठान ली। श्यामू ने कहा कि जो किया ठीक किया, इस पर कोई पछतावा नहीं है।