सीतापुर। जिले में आई फ्लू के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। चाहे बच्चे हों या फिर बुजुर्ग हर वर्ग इसकी चपेट में आ रहा है। जिला अस्पताल व आंख अस्पताल में आई फ्लू से पीड़ित मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। इसका असर दवा बाजार में दिखने लगा है। आई ड्रॉप की मांग अचानक बढ़ी है। इससे मेडिकल की दुकानों पर आंखों की दवाएं कम पड़ने लगी हैं। इसका फायदा उठाकर कुछ दवा विक्रेता कई जरूरी आई ड्रॉप को निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बेच रहे हैं।
आई फ्लू यानी वायरल कंजंक्टिवाइटिस की चपेट में इन दिनों हर उम्र के लोग आ रहे हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों में इन दिनों आई फ्लू के मरीजों की संख्या में खासा इजाफा देखा जा रहा है। पिछले एक सप्ताह से आई फ्लू का संक्रमण तेजी से फैला है। यह बीमारी संक्रमण से फैलती है। किसी आई फ्लू से ग्रसित मरीज के संपर्क में आने से स्वस्थ व्यक्ति में बीमारी फैल रही है।
हालात यह हैं, कि एक ही परिवार के कई सदस्य आई फ्लू की चपेट में आ रहे हैं। मरीजों की संख्या बढ़ी तो बाजार में आई ड्रॉप की खपत बढ़ना भी लाजिमी है। मांग बढ़ने से बाजार में आंखों की दवाएं कम होने लगी हैं। इसका फायदा कुछ दवा विक्रेता उठा रहे हैं। यह विक्रेता निर्धारित मूल्य से डेढ़ से दो गुना कीमत पर दवाएं बेच रहे हैं। इसके बाद भी औषधि प्रशासन विभाग की ओर से अभी तक मेडिकल स्टोरों की जांच तक नहीं की जा रही है। लिहाजा, जरूरतमंद लोग महंगी आई ड्रॉप खरीदने को मजबूर हैं।
इन बाताें का रखें ध्यान
-आंखों को बार-बार हाथ से न छुएं।
-घर आने पर साबुन से हाथ साफ करें।
-आंख से पानी आ रहा है तो रुमाल का इस्तेमाल करें।
-बिना चिकित्सक की सलाह के किसी ड्रॉप का प्रयोग न करें।
- आई फ्लू से ग्रसित व स्वस्थ व्यक्ति भी चश्मे का प्रयोग करें।
- आई फ्लू से ग्रसित व्यक्ति से संभव हो सके तो दूरी बना रखें।
बाजार में इन आई ड्रॉप की कमी
डेक्सिन, सिपलाॅक्स, सिपलाॅक्स-डी, महाफ्लाक्स, माक्सीसिप, ओफ्लेकैम-डी, क्लोम्फेनिकॉल एप्ली कैप आइंटमेंट, न्यूजेन, माइसिन
चिकित्सक की सलाह पर लें दवा
चिकित्सक सुमित शुक्ला ने बताया कि इस समय एंटीबायोटिक ड्राप्स जैसे सिपरोफ्लाक्सासिन, माॅक्सीफ्लाक्सासिन, टोब्रामाइसिन, नारफ्लाक्सासिन आदि व एंटी एलर्जिक ड्राॅप्स जैसे मेथाइल सेल्युलोज, नेफाजोलीन, फेनाइलफ्रीन ड्राप्स लेना ज्यादा सुरक्षित है। लेकिन परेशानी होने पर आंखों का परीक्षण कराने के बाद चिकित्सक की सलाह पर ही दवा लें। यह संक्रमण की बीमारी है। इससे बचाव के लिए सावधानी बरतना जरूरी है।
अचानक खपत बढ़ने से कम पड़ीं दवाएं
आई फ्लू फैलने के कारण आई ड्राॅप्स की बिक्री में 300 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। जिस कारण प्रमुख आई ड्राप्स जैसे डेक्सिन, सिपलाॅक्स इत्यादि की कमी हो गई है। अचानक खपत बढ़ने से कंपनियों की ओर से मांग के अनुरूप आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
जितेंद्र बाजपेई, अध्यक्ष, सीतापुर केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन