सीतापुर। जिला प्रशासन ने 117 साल बाद नजूल की 15 एकड़ जमीन को बुधवार को कब्जे से मुक्त कराकर सील कर दिया है। इसे राज्य सरकार के नियंत्रण में लेते हुए जिला अस्पताल बनाने का प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया है।
सिविल लाइंस के पॉश इलाके में स्थित इस नजूल भूमि पर वर्ष 1906 से मेबेल जोंस जूनियर हाईस्कूल हॉस्टल होम का गेट लगाकर कब्जा किया गया था। इस संस्था को कागजों में 1872 से मान्यता प्राप्त दिखाया गया। जिला प्रशासन ने जब इस संस्था के अभिलेखों की जांच कराई तो पता चला कि इसे पादरी चर्च मिशन जैरे इंतजाम मैनेजर मिशन के नाम से फर्जी बैनामे के आधार पर राजस्व अभिलेखों में दर्ज कराया गया था। इसे खारिज करते हुए जिला मजिस्ट्रेट अनुज सिंह के निर्देश पर करीब 15 एकड़ की इस नजूल भूमि को सील किया गया। इसकी कीमत न्यूनतम 650 करोड़ रुपये व अधिकतम करीब 800 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। इस दौरान एसडीएम सदर ज्ञानेंद्र द्विवेदी व अन्य राजस्वकर्मी मौजूद रहे।
लंबे समय से जिला अस्पताल के लिए खोजी जा रही थी जमीन
लंबे समय से जिला अस्पताल के परिसर के लिए जमीन की खोज चल रही थी। बुधवार को इस नजूल भूमि को सीज किया गया। जिला मजिस्ट्रेट के निर्देश पर इसे स्वास्थ्य क्षेत्र के शासकीय उपयोग के लिए आरक्षित किया गया। इसमें भविष्य में जिला अस्पताल खोले जाने का प्रस्ताव शासन भेजा जा रहा है। इस जमीन पर जिला अस्पताल खुलने से शहरवासियों को बड़ी राहत मिलेगी। इसका एक सिरा शहर के पॉश इलाके सिविल लाइंस तो दूसरा हाइवे पर खुलेगा। जिससे जिले के मरीजों को अस्पताल आने में किसी दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा।
परिसर में अनैतिक गतिविधियों की मिल रही थी सूचना
सिविल लाइंस स्थित इस नजूल भूमि पर वर्षाें से कोई शिक्षण कार्य संचालित नहीं किया जा रहा था। इस वजह से यह भूमि असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गई थी। इस संबंध में कई बार अधिकारियों तक लोगों ने पत्राचार कर बात रखी लेकिन कार्रवाई नहीं हो पा रही थी।
नजूल भूमि पर जारी रहेगी कार्रवाई
सिविल लाइंस के पॉश इलाके में स्थित करीब 15 एकड़ की इस नजूल भूमि पर वर्षाें से अवैध कब्जा था। इसे सील कर राज्य सरकार के नियंत्रण में लिया गया है। इसे स्वास्थ्य विभाग के शासकीय प्रयोग के लिए आरक्षित किया गया है। भविष्य में नजूल भूमि पर कार्रवाई होती रहेगी।
- अनुज सिंह, जिलाधिकारी सीतापुर