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Sitapur News: माघ पूर्णिमा आज, घाटों पर उमड़ेंगे श्रद्धालु

Sun, 05 Feb 2023 12:30 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
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नैमिषारण्य में चौक चौबंद की गई सुरक्षा व्यवस्था
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फोटो-8
संवाद न्यूज एजेंसी
नैमिषारण्य (सीतापुर)। माघ मास भगवान विष्णु को अतिप्रिय है। पूरे मास स्नान दान करने का विशेष फल बताया गया है। इस बार माघ पूर्णिमा पांच फरवरी को है। नैमिषारण्य में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था चौक चौबंद करने का खाका खींच लिया है।
शास्त्रों के अनुसार माघ पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु गंगाजल में वास करते हैं। इसलिए इस दिन गंगा में स्नान करने का विशेष महत्व है। माघी पूर्णिमा पर भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करना चाहिए। इससे हर तरह के पाप खत्म हो जाते हैं। गंगा व तीर्थ में स्नान करने के बाद तिल, कपड़े, कंबल, गुड़ का दान करें। आचार्य रमेश चंद शास्त्री ने बताया कि इस दिन तिल दान करने का विशेष महत्व है।
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माघ पूर्णिमा के दिन कैसे करे पूजन
इस दिन सुबह उठकर सबसे पहले गंगा नदी में स्नान करें। इसके बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें। फिर पूजा स्थान पर पीला वस्त्र बिछाकर भगवान विष्णु की मूर्ति के साथ माता लक्ष्मी को रखें। इसके बाद लक्ष्मी नारायण को लाल चंदन रोली फूलों से पूजन करें। भगवान श्री सत्यनारायण कथा का पाठ करें।

पूर्णिमा मुहूर्त
आचार्य सदानंद द्विवेदी ने बताया कि चार फरवरी को रात्रि नौ बजकर 29 मिनट से प्रारंभ होकर अगले दिन पांच फरवरी रात 11 बजकर 58 मिनट तक पूर्णिमा मनाई जाएगी।
कल्पवासी लेंगे विदाई
पूरे माघ महीने तक गंगा, गोमती नदी के किनारे कल्पवास कर रहे श्रद्धालु इस दिन स्नान दान के बाद घर की ओर प्रस्थान करते हैं। शास्त्रों के अनुसार इस दिन चंद्रदेव अपनी सोलह कलाओं से परिपूर्ण होकर पृथ्वी पर अमृत की वर्षा करते हैं। सरस्वती के स्वरूप ललिता महाविद्या की जयंती भी है। इसी दिन महान संत गुरु रविदास का जन्म हुआ था। होली से एक महीने पूर्व इस पूर्णिमा पर ही होली का डांडा लगाया जाता है। इसलिए इसे होलिका डांडा रोपणी पूर्णिमा कहते हैं।

माघ पूर्णिमा पर स्नान का महत्व
मान्यता है कि इस दिन गंगाजल का स्पर्श करने मात्र से मनुष्य को बैकुण्ठ लोक की प्राप्ति होती है। आज के दिन सुबह सूर्योदय से पूर्व किसी पवित्र नदी या घर पर ही मन में गंगा मैया का ध्यान कर स्नान करके के बाद भगवान विष्णु एवं माता लक्ष्मी की पूजा करने से व्यक्ति को सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार माघ पूर्णिमा पर ही गंगा स्नान करने से पूरे वर्ष की साधना का फल मिल जाता है। इस दिन गंगा सहित पवित्र तीर्थ चक्रतीर्थ और पवित्र नदियों में स्नान करने से पाप एवं संताप का नाश होता है। इस दिन किया गया महास्नान समस्त रोगों का नाश करके दैहिक, दैविक और भौतिक कष्टों से मुक्ति दिलाता है।
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दान और पूजा का महत्व
स्नान के बाद पात्र में काले तिल भरकर एवं शीत निवारक वस्त्र दान करने से धन और वंश में वृद्धि होती है। इस दिन भगवान सत्यनारायण की कथा करने से श्री विष्णु और माता लक्ष्मी की असीम कृपा बनी रहती है। सुख-सौभाग्य, धन संतान की प्राप्ति होती है। विद्या प्राप्ति के लिए इस दिन मां सरस्वती की विधि-विधान से पूजा कर सादे पुष्प अर्पित करके खीर का भोग लगाना चाहिए। इस दिन पितरों को तर्पण करना बहुत ही फलदायी माना गया है। ऐसा करने से उनकी आत्मा को शांति मिलती है। आयु एवं आरोग्य में वृद्धि होती है। माघ पूर्णिमा पर स्नान करने से सूर्य और चंद्रमा जनित दोषों से मुक्ति मिलती है।
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