सीतापुर। कस्बा हो या गांजरी इलाके में महज दस दिन में छह से ज्यादा चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। चोरों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि लोगों को बंधक बनाकर लूटपाट करने से भी वह गुरेज नहीं कर रहे हैं। बढ़ी चोरी की घटनाओं का खुलासा न होने से पुलिस बैकफुट पर है। महज दस दिनों में अटरिया, सिधौली, लहरपुर, सदरपुर व इमलिया सुल्तानपुर आदि थाना क्षेत्रों में चोरी की घटनाएं हुईं। इनमें अटरिया व सिधौली राजधानी से सटे थाने हैं। वहीं सदरपुर, लहरपुर व रेउसा आदि गांजरी इलाके हैं। इन इलाकों में चोरों का आतंक रोकने में न तो पुलिस सक्षम नजर आ रही है और न ही उनका खुलासा करने में।
बीती 21 जनवरी की रात अटरिया के बहादुरपुर में चोरों ने एक घर से तीन लाख रूपए का माल पार कर दिया था। अगली ही रात 22 जनवरी को रेउसा के अकसोहा गांव से चोरों ने तीन लाख का सामान चोरी कर लिया। 28 जनवरी को सिधौली के जेंधौरा गांव निवासी सुनील के घर को चोरों ने निशाना बना कर ढाई लाख रुपये का माल पार किया। वहीं हरगांव चीनी मिल से पांच लाख रुपये कीमत की गन्ना भरी ट्रैक्टर ट्रॉली चोरी हो गई। यह घटनाएं तो सिर्फ बानगी हैं, बेखौफ चोरों ने 29 जनवरी को अटरिया थाना इलाके में छह दुकानों का ताला तोड़ दिया था। पुलिस मामला दबाने का प्रयास करती रही। हर दुकान से चोरों ने डेढ़-डेढ़ लाख रूपए का माल चोरी किया था। 30 जनवरी को इमलिया सुल्तानपुर के कोरैय्या उदयपुर में चोरों ने दो घरों से आठ लाख रूपए का माल पार कर दिया था। खास बात तो यह थी कि पीड़ित ने पुलिस पर आरोप लगाया कि तहरीर उनके मनमुताबिक नहीं ली गई। अगले ही दिन चोरों ने इमलिया सुल्तानपुर की उमरसा बाजार में चौकीदार को बंधक बनाकर लूटपाट की। चार दुकानों से उन्होंने चार लाख रूपए का माल पार कर दिया था। पुलिस ने उस मामले में भी बंधक बनाने की बात को मना कर दिया।
जल्द होगा खुलासा
खुलासे के लिए अलग-अलग टीमें लगाई गईं हैं। कई संदिग्घों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है। गश्त बढ़ा दी गई है। जिन थाना क्षेत्रों में चोरियां अधिक हो रही हैं, वहां के थानाध्यक्षों को जल्द खुलासा करने को कहा गया है। चेतावनी दी गई है कि ऐसा न होने पर उन पर कार्रवाई की जाएगी।
- घुले सुशील चंद्रभान, एसपी