सीतापुर। बाढ़ राहत कृषि निवेश अनुदान वितरण में भी राजस्व कर्मियों ने खेल कर दिया। भूमिहीनों को किसान बनाकर अनुदान राशि बांट दी गई, जबकि वास्तविक किसान अब तक अनुदान पाने का इंतजार कर रहे हैं। पहले चरण में लगभग पांच करोड़ रुपये की अनुदान राशि किसानों के खातों में भेजी गई है। लाभार्थियों में बड़े पैमाने पर वह लोग भी शामिल हैं, जिनके पास भूमि ही नहीं है। सेवता विधायक ने डीएम को पत्र सौंपा है।
बाढ़ से फसल बर्बाद होने पर सरकार प्रभावित किसानों को मुआवजा देती है। राज्य सरकार ने जिले को आठ करोड़ रुपये का बजट दिया है। साढ़े सात करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया गया है। अभी 50 लाख रुपये मिलने हैं। पहले चरण में लगभग पांच करोड़ रुपये उन किसानों के खातों में भेजे गए, जिनकी फसलें बाढ़ से नष्ट हो गई थीं।
बाढ़ राहत कृषि निवेश अनुदान वितरण में राजस्व कर्मियों ने बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की है। कई ऐसे लोगों को लाभ दिया गया जिनके नाम भूमि नहीं है। जबकि सैकड़ों वास्तविक किसान मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं। सेवता विधायक ज्ञान तिवारी से दस से अधिक किसानों ने मुआवजा दिलाने की गुहार लगाई। विधायक ने इस मामले में जानकारी ली तो भ्रष्टाचार का मामला सामने आया।
बिसवां तहसील के राजस्व कर्मियों ने अपात्रों व भूमिहीनों को मुआवजा वितरित कर दिया। विधायक ने राहत इसके वितरण में गड़बड़ी की जानकारी डीएम व एडीएम को दी। बुधवार को मामले की जांच कराने के लिए विधायक ने डीएम को पत्र सौंपा है। विधायक ने पत्र के साथ 42 अपात्रों के नामों की सूची भी डीएम को दी है। डीएम ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।
भ्रष्टाचार की हो जांच
सरकार ने बाढ़ राहत कृषि अनुदान के लिए जिला प्रशासन को पर्याप्त मात्रा में धनराशि उपलब्ध कराई है। अभी तक धनराशि जरूरतमंद किसानों तक क्यों नहीं पहुंची, यह गंभीर विषय है। राजस्व कर्मियों के स्तर से वितरण में भ्रष्टाचार किए जाने के तथ्य मिले हैं। डीएम से जांच व कार्रवाई के लिए कहा है।
- ज्ञान तिवारी, विधायक सेवता बाक्स
किसान बोले - प्रशासन नहीं दे रहा सही जानकारी
सेवता विधायक ज्ञान तिवारी मंगलवार रात किशोरगंज में एक धार्मिक कार्यक्रम में गए थे। इस बीच सैकड़ों किसानों ने रास्ते में विधायक को मांगपत्र सौंपा। सिसैया, दरियाना, कटरा किशोरगंज, जटपुरवा, म्योडि छोल्हा, कोलिया छड़िया, नकहा, कनोरा, लौकी, नवादा, सालपुर आदि गांवों के राकेश कुमार, राजन शुक्ला सहित सैकड़ों किसान सड़क पर खड़े थे। रात 11 बजे सैकड़ों लोगों को एकत्र देख विधायक ने उनसे मुलाकात की। किसानों ने बताया कि उन्हें बाढ़ राहत कृषि अनुदान नहीं मिल पा रहा है। भ्रष्टाचार कर राजस्व कर्मियों ने भूमिहीनों को राहत राशि दी है। तहसील व जिला प्रशासन से सही जानकारी नहीं दी जा रही है।