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16 घंटे नजरबंद रहे सपा के विधायक व एमएलसी

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फोटो-10 सीतापुर के लहरपुर में अपने आवास पर पुलिस और समर्थकों के साथ खड़े विधान परिषद सदस्य मोहम्मद - फोटो : SITAPUR
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सीतापुर/लहरपुर। धरना प्रदर्शन में हिस्सेदारी से पहले ही पुलिस ने सपा विधायक अनिल वर्मा और एमएलसी जासमीर अंसारी को उनके आवास पर ही मंगलवार आधी रात के बाद से नजरबंद रखा। दोनों सपा नेताओं को महंगाई, बेरोजगारी के साथ ही ध्वस्त होती कानून व्यवस्था समेत अन्य मुद्दों को लेकर बुधवार को राजधानी लखनऊ में विधान सभा के समक्ष होने वाले धरना प्रदर्शन में हिस्सेदारी को जाना था।
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दोनों सपा नेता अपने आवास में 16 घंटे तक पुलिस की कड़ी सुरक्षा निगरानी में रहे। इससे जिले का सियासी पारा भी दिन भर गर्म रहा। सपा नेताओं ने प्रशासन की इस कार्रवाई को लोकतंत्र की हत्या करार दिया है। मानसून सत्र में सरकार को घेरने के लिए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की रणनीति के तहत ही जनसमुदाय से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर 14 से 19 सितंबर तक धरना प्रदर्शन का ऐलान किया गया है। इसकी शुरूआत बुधवार को विधान भवन के समक्ष होे वाले सपा के धरना प्रदर्शन से होनी थी।
इसमें पार्टी के सभी विधायक व एमएलसी को हिस्सेदारी के लिए बुलाया गया था। इसमें हिस्सेदारी के लिए सीतापुर की लहरपुर विधानसभा सीट से सपा के इकलौते विधायक अनिल वर्मा और एमएलसी जासमीर अंसारी समर्थकों के साथ रवाना होने की तैयारी में थे। इससे पहले ही बीते मंगलवार रात 12 बजे पुलिस ने उन्हें आवास पर ही नजरबंद कर कड़ा पहरा बैठा दिया।
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बुधवार शाम चार बजे तक सपा नेता एमएलसी जासमीर अंसारी को उनके लहरपुर स्थित आवास जबकि विधायक अनिल वर्मा को सीतापुर के आवास पर नजर बंद रखा गया। बुधवार सुबह दोनों सपा नेताओं के आवास पर नजरबंद होने की जानकारी के बाद पार्टी समर्थकों व कार्यकर्ताओं में रोष व्याप्त हो गया। सपा जिलाध्यक्ष छत्रपाल यादव ने बताया कि लखनऊ में पार्टी का धरना प्रदर्शन था। वहां विधायकों को जाने से रोका गया है। यह पूरी तरह से लोकतंत्र की हत्या है।
विरोध प्रदर्शन से पहले ही डरी भाजपा सरकार
सपा विधायक अनिल वर्मा ने बताया कि मंगलवार देर रात उनके आवास पर भारी संख्या में पुलिस ने पहुंचकर उन्हें परिवार के अन्य लोगों के साथ ही हाउस अरेस्ट कर लिया। उनसे कहा गया कि अग्रिम आदेश तक आप यहां से कहीं भी आ जा नही सकते हैं। विधायक ने कहा उनकी समझ में नहीं आ रहा कि आखिर उन्हें नजरबंद क्यों किया गया। उन्हें आज विधानमंडल की बैठक में भाग लेने के लिए लखनऊ जाना था। सपा विधायक ने कहा कि महंगाई व बिगड़ी कानून व्यवस्था को लेकर परेशान प्रदेश की योगी सरकार सपा के विरोध प्रदर्शन से पहले ही डर गयी। इसलिए हमें नजरबंद किया गया है।
पूर्व विधायक भी रहे नजरबंद
सपा के पूर्व विधायक अनूप गुप्ता, राधेश्याम जायसवाल व पूर्व मंत्री रामपाल राजवंशी को भी शहर स्थित उनके आवास में मंगलवार आधी रात के बाद से नजरबंद कर घर से बाहर निकलने से रोक दिया गया। सपा जिलाध्यक्ष छत्रपाल यादव ने बताया कि विधायक तथा पूर्व विधायकों को लखनऊ में होने वाले प्रदर्शन में शामिल होना था। योगी सरकार ने आम नागरिक के लोकतांत्रिक अधिकार का गला घोटकर विधायक व पूर्व विधायकों को नजरबंद करते हुए उन्हें धरना प्रदर्शन में जाने से रोका है।
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