सीतापुर। जमकर बिजली चोरी करो...घूस दे दो तो सब ठीक, वरना बिजली चोर बना दिया जाएगा।... इसी तरह आप लोग बिजली विभाग को चला रहे हैं। शनिवार को बिजली विभाग की समीक्षा बैठक में अफसराें की कार्यशैली से नाराज होकर मिश्रिख सांसद अशोक रावत ने मुख्य अभियंता के सामने कुछ इसी तरह की खरीखोटी सुनाई।
बैठक में अफसरों व कर्मचारियों के भ्रष्टाचार का मुद्दा छाया रहा। मिश्रिख सांसद अधिशासी अभियंता द्वितीय से इस कदर खफा हो गए कि वह तत्काल सस्पेंड करने पर अड़ गए। बैठक में चेकिंग के नाम पर धनउगाही, महिलाओं के साथ अभद्रता, जबरन घर में घुसकर चेक करना, विजिलेंस के नाम पर भय दिखाने के मुद्दे गूंजे।
विद्युत उपभोक्ता एवं जनप्रतिनिधि संपर्क अभियान के तहत कलेक्ट्रेट सभागार में शनिवार को बिजली विभाग की बैठक हुई। बैठक में बिजली विभाग के अफसरों के अलावा सभी सांसद व जनप्रतिनिधियों को बुलाया गया था।
मुख्य अभियंता राजीव कुमार सिंह के सामने मिश्रिख सांसद अशोक रावत ने कहा बिजली विभाग के कर्मचारी जमकर वसूली करते हैं अगर रुपये नहीं दो तो वह धमकाते हैं। पैसे दे दो तो सभी काम सही हैं। वरना वह बिजली चोर बना देंगे। कार्रवाई भी हो जाएगी। सांसद ने कहा अधिशासी अभियंता द्वितीय दिलीप गुप्ता इतने बेअंदाज हैं कि वह फोन ही नहीं उठाते हैं। अगर कोई बात कहो तो सुनते नहीं हैं। सांसद उनसे इतना नाराज हो गए कि तत्काल उन्हें सस्पेंड करने पर अड़ गए।
विधायक करते रहते सिफारिश, अफसर सुनते ही नहीं
महोली विधायक शशांक त्रिवेदी ने कहा कि जांच के नाम पर वसूली हो रही है। हम लोग अगर कोई सिफारिश करते हैं तो अफसर सुनते नहीं हैं। अगर हमारे क्षेत्र में चेकिंग टीम आए तो संभलकर आएं वरना वसूली करने पर वह पिट भी सकते हैं। हम उपभोक्ताओं से वसूली बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे। सेवता विधायक के प्रतिनिधि ओम प्रकाश मिश्रा ने कहा कि रेउसा की बर्री बटौहा में ट्रांसफॉर्मर फुंका पड़ा है। इसे बदला नहीं जा सका है। सेवता विधानसभा क्षेत्र के करीब 15 गांव ऐसे हैं, जहां पर अभी तक बिजली नहीं पहुंची है। रेउसा में जेई नहीं है। बिसवां व महमूदाबाद विद्युत वितरण मंडल का इस तरह बंटवारा हुआ है कि एक-दूसरे का क्षेत्र बताकर अफसर पल्ला झाड़ लेते हैं। इससे उपभोक्ता भटक रहे है।
आधे गांव में ही आ रही लाइट
सिधौली विधायक मनीष रावत ने कहा सिधौली की मनिकापुर ग्राम पंचायत में दो ट्रांसफार्मर हैं, एक फुंका है। दूसरे से आधे गांव की लाइट आ रही है। बाकी आधा गांव अंधेरे में डूबा रहता है। सांसद राजेश वर्मा ने कहा कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। सभी अफसर जनप्रतिनिधियों की शिकायतों पर तत्काल अमल करें। इस दौरान विधायक बिसवां निर्मल वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि व उनके प्रतिनिधि मौजूद रहे।
अलग-अलग पोल पर हो लाइन
नगरपालिका सीतापुर चेयरमैन नेहा अवस्थी ने कहा कि हेमपुरवा व खूबपुर मोहल्ले में हाईटेंशन व एलटी लाइन एक ही पोल से निकली हैं। अगर फॉल्ट आती है तो दोनों लाइनें बंद करनी पड़ती हैं। इनको अलग-अलग किया जाए। आवास विकास काॅलोनी में एक किलोमीटर मार्ग पर प्रकाश की व्यवस्था नहीं है। पूरे शहर में सीसीटीवी लगाए जा रहे हैं। इसलिए यहां पर विद्युतीकरण कराया जाए।
.....मंत्री हुए नाराज, मीटिंग में नहीं हुए शामिल
कारागार राज्यमंत्री सुरेश राही को पीडब्लूडी गेस्ट हाउस में 12 बजे बुलाया गया था। मंत्री जब मीटिंग में पहुंचे तो उन्हें पता चला कि अब मीटिंग कलेक्ट्रेट सभागार में होनी है। मंत्री ने कहा कि अगर स्थान बदला है तो पहले जानकारी देनी चाहिए थी। अब ऐन वक्त पर जगह बदलने से क्या फायदा है। इससे मंत्री नाराज हो गए वह कलेक्ट्रेट में मीटिंग में नहीं पहुंचे।
सांसद को नहीं मिला सम्मान
सांसद राजेश वर्मा जब कलेक्ट्रेट सभागार में मीटिंग में शामिल होने पहुंचे तो गेट पर उनका स्वागत करने के लिए बिजली विभाग का कोई अफसर नहीं पहुंचा। वह सीधे सभागार में ही आ गए। बोले अफसर प्रोटोकाल भी भूल गए हैं।
शिकायतें भी आईं
मुख्य अभियंता राजीव कुमार सिंह से शहर के शास्त्री नगर मोहल्ले के लोग शिकायत करने पहुंचे। मनमोहन शुक्ल के नेतृत्व में आए इन लोगों ने कहा कि शुभोत्सव गेस्ट हाउस के पास बीच सड़क पर ट्रांसफॉर्मर रखा हुआ है। इससे आवागमन बाधित होता है। उसे यहां से हटाया जाए।
पहले खाली नहीं था कलेक्ट्रेट सभागार
बैठक के लिए पहले कलेक्ट्रेट सभागार चुना गया था। लेकिन वह 12 बजे खाली नहीं था। इसी वजह से पीडब्लूडी गेस्ट हाउस चुना गया। लेकिन वहां पर स्थान कम होने के कारण दोबारा अनुरोध किया गया तो कलेक्ट्रेट सभागार मिल गया। सांसद के प्रोटोकाल में एक अफसर को लगाया गया था। लेकिन वह किसी कारणवश बाहर नहीं पहुंच सके थे। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने कई मुद्दे उठाएं हैं। इनकी शिकायतों को संज्ञान में लिया गया है। कारागार राज्यमंत्री स्थान बदलने से नाराज हो गए थे। मुख्य अभियंता व हम लोग उनके घर मिलने गये थे। लेकिन वह अपने क्षेत्र में निकल गये थे। इस वजह से मुलाकात नहीं हो सकी है।
नंदलाल, अधीक्षण अभियंता