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सीतापुर: नाबालिग से कराई मनरेगा में मजदूरी

Mon, 13 Feb 2023 12:42 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
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सीतापुर। बालश्रम अपराध है। इसे रोकने के लिए श्रम विभाग में कर्मचारियों की तैनाती है, लेकिन सीतापुर में सरकारी योजना में ही नाबालिग से मजदूरी करा दी गई। भुगतान भी बैंक खाते में भेज दिया गया। मामला मनरेगा के तहत जनपद के परसेंडी विकासखंड की ग्राम पंचायत गौरियाझाल से जुड़ा है। हद तो यह कि जिस नाबालिग को मजदूरी भेजी गई, वह एक इंटर कॉलेज में रेगुलर छात्रा है।
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मनरेगा के तहत जॉब कार्ड धारकों को गांव में काम उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। एक परिवार में एक जॉब कार्ड दिया जाता है। इसी जॉब कार्ड पर अन्य परिजनों का ब्यौरा भी दर्ज रहता है और मजदूरी के एवज में उनके खातों में भुगतान भेजा जाता है। सीतापुर जनपद के परसेंडी विकासखंड की ग्राम पंचायत गौरियाझाल में गजब खेल हो गया।
गांव निवासी एक किशोरी के नाम पर मनरेगा की मजदूरी निकाली गई। मजदूरी का भुगतान किशोरी के बैंक खाते में किया गया। लगभग आठ बार में नौ हजार रुपये का भुगतान किशोरी के बैंक खाते में भेजा गया। खास बात तो यह है कि किशोरी के माता - पिता और एक बहन के भी अलग-अलग जॉब कार्ड जारी किए गए और इन सभी पर भुगतान किया गया।
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जिस किशोरी से बैंक खाते में मनरेगा की मजदूरी का बजट भेजा गया, वह एक इंटर कालेज में छात्रा है। उसकी उम्र हाईस्कूल के अंकपत्र में 30 मार्च 2008 है यानी किशोरी नाबालिग है।


कई परिवारों को जारी किए गए कई जॉब कार्ड
गौरिया झाल में मनरेगा के नियम जिम्मेदारों के बंधक बनकर रह गए। नियम को धता बताकर एक ही परिवार के कई जॉब कार्ड जारी कर दिए गए। गांव निवासी दिनेश और आरती पति-पत्नी हैं, लेकिन दोनों को अलग अलग जॉब कार्ड जारी कर दिए गए। इसी तरह शीष कुमार और प्रियंका पति-पत्नी हैं, लेकिन जॉब कार्ड अलग अलग जारी किए गए। इसी ग्राम पंचायत में राम स्वरूप और कुंती रहते हैं। यह पति-पत्नी हैं, लेकिन इनके जॉब कार्ड भी अलग अलग जारी हैं।
गुनीराम और मोहिनी, सरिता और राजेश पति-पत्नी हैं, लेकिन जॉब कार्ड अलग अलग जारी हुए हैं। इस तरह के कई प्रकरण इस ग्राम पंचायत में हैं। सभी जॉब कार्डों पर मजदूरी करना दर्शाकर भुगतान भी निकाला गया है।
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शिकायतें आती रहती हैं। कहीं डाक में देखकर कहीं मार्क कर दी होगी। जांच होगी। दोषी पर कार्रवाई की जाएगी।
- अक्षत वर्मा, सीडीओ
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