सीतापुर। गांजर इलाके में हर साल बाढ़ तबाही मचाती है। सैकड़ों बीघे खेत बाढ़ में बर्बाद हो जाते हैं। ऐसे में उसी गांजर के एक किसान ने खेती में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। गांजर इलाके में रेउसा विकासखंड के सिकौहा गांव के खेत में तैयार जैविक जिमीकंद संयुक्त अरब अमीरात भेजा गया है। सिकोहा निवासी श्रीकांत त्रिपाठी और उनके पुत्र राजीव कुमार जैविक खेती करते हैं। लगभग दो एकड़ खेत में उन्होंने जिमीकंद की खेती की है। जिमीकंद के साथ उन्होंने सहफसली के तौर पर अरबी (घुइयां), लौकी, तोरई और हल्दी की भी खेती की। दो एकड़ में चार सौ क्विंटल जिमीकंद तैयार हुआ है। इसमें 160 क्विंटल जिमीकंद शनिवार को संयुक्त अरब अमीरात से आए एक दवा कंपनी के प्रतिनिधि ने कंटेनर से मुंबई के नावासाकी समुद्र तट पर भिजवाया है।
नावासाकी तक कंटेनर पहुंचने के बाद पानी के जहाज से इसे संयुक्त अरब अमीरात भेजा जाएगा। दस मार्च को वहां पर जिमीकंद पहुंच जाएगा। श्रीकांत त्रिपाठी बताते हैं कि अरब में मांस का सेवन अधिक किया जाता है और इसके चलते वहां के लोगों को पेट संबंधी रोग होते हैं।
इसके उपचार के लिए जो दवाएं तैयार होती हैं, उनमें जिमीकंद का उपयोग किया जाता है। इसीलिए एक दवा कंपनी ने अरब से उनके खेतों में तैयार जिमीकंद खरीदा है। श्रीकांत के खेतों में होने वाला जिमीकंद जैविक है। लखीमपुर, बहराइच, लखनऊ समेत कई जनपदों के लोग भी उनसे जिमीकंद खरीद चुके हैं।