सीतापुर। जिले में कोरोना का संक्रमण बढ़ रहा है। कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण जरूरी है। इसके बाद भी जिले में वैक्सीन नहीं है। प्राइवेट में सर्राफ क्लीनिक को सिर्फ वैक्सीनेशन के लिए चयनित किया था। इस केंद्र पर पिछले दो माह से डोज खत्म है। ऐसे में अगर कोई पहली, दूसरी या फिर बूस्टर डोज लगवाना चाहे तो उसे 90 किमी. का सफर तय कर राजधानी लखनऊ जाना पड़ेगा।
जिले में दो साल से कोविड टीकाकरण अभियान चल रहा है। 38 लाख लोगों ने पहली व दूसरी डोज लगवा ली है। अब भी करीब 25 लाख लोग ऐसे हैं जिन्होंने बूस्टर डोज नहीं लगवाई है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है पहली व दूसरी डोज सभी को लगाई जा चुकी है। शासन ने अब सरकारी स्तर पर कोविड डोज लगानी बंद कर दी है।
इसके लिए प्राइवेट के तौर पर स्वास्थ्य विभाग ने शहर के सर्राफ क्लीनिक को चिह्नित किया था। इस केंद्र पर लोग पहली, दूसरी व बूस्टर डोज लगवा सकते थे, लेकिन यहां भी दो माह से कोविड टीके की एक भी खुराक नहीं है। सरकारी अस्पतालों में पहले ही टीकाकरण बंद है। अगर इस समय किसी को डोज लगवानी हो तो उसे लखनऊ की ओर रुख करना पड़ेगा। डॉ. संदीप सर्राफ ने बताया पहले डोज थी, लेकिन डोज लगवाने लोग आ नहीं रहे हैं। इसी वजह से अब डोज मंगवानी बंद कर दी है।
नहीं है डोज
जिले में एक प्राइवेट सेंटर पर कोरोना वैक्सीन की डोज लगवाई जा रही है। बहुत ही कम लोग डोज लगवाने आ रहे हैं। केंद्र पर डोज समाप्त होने की जानकारी नहीं है।
डॉ. उदय प्रताप, एसीएमओ