सीतापुर। थानगांव थाना क्षेत्र में सोमवार को आपसी विवाद के बाद पति ने पत्नी को मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद उसने खुद भी फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
क्षेत्र के कोतवालनपुर गांव के मजरा बरा निवासी परशुराम (35) दोपहर के समय घर पहुंचे थे। इसके बाद उनका पत्नी रूमा (32) से कुछ विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर परशुराम ने पहले अपनी पत्नी को बुरी तरह से पीटा। फिर बांके से शरीर पर कई वार कर मौत के घाट उतार दिया। रूमा की मौत हो जाने के बाद परशुराम ने खुद को कमरे में बंद कर लिया। फिर फंदे से लटक कर अपनी जान दे दी। चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने जब मंजर देखा तो वे दंग रह गए। उन्होंने पुलिस को मामले की जानकारी दी।
सूचना पर सीओ महमूदाबाद दिनेश शुक्ला पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि परशुराम कई दिनों से मानसिक रूप से तनाव में था। वह छोटी-छोटी बातों को लेकर गुस्सा हो जाता था। बच्चों के मानें तो राशन कार्ड की पर्ची को लेकर विवाद हुआ था। जब तक रूमा पर्ची ला पाती तब तक परशुराम ने घटना को अंजाम दे दिया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
अनाथ हुईं संतानें, मददगार बनेगी पुलिस
मृतक दंपति की तीन संतानें हैं, जो अब पूरी तरह से अनाथ हो गई हैं। दंपति का सबसे बड़ा पुत्र बेचेलाल है। जिसकी उम्र महज 10 साल है। इसके बाद एक पुत्री अंजली (7) व पुत्र रवि (5) है। परशुराम के पास ढाई बीघा जमीन थी। इसपर खेती और मजदूरी कर वह अपने परिवार का पेट पालता था। उसके पांच भाई हैं, जो अलग रहते हैं। थानाध्यक्ष हनुमंत लाल तिवारी ने बताया कि तीनों बच्चों के भरण-पोषण की जिम्मेदारी वे और उनके साथी मिलकर उठाएंगे। उनकी शिक्षा व अन्य जरूरतों का खर्च वहन कर पुलिस मददगार की भूमिका में नजर आएगी।