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Sitapur News: कटान में घर समाया, सोनरख पुरैना का वजूद खतरे में

Sun, 09 Jul 2023 09:19 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
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रामपुर मथुरा(सीतापुर)। सरयू नदी का जलस्तर भले ही कम हो रहा है, लेकिन कटान मुसीबत बनती जा रही है। रविवार को शंकरपुरवा में एक घर कटान की चपेट में आ गया। वहीं दो घरों पर खतरा मंडरा रहा है। सोनरख पुरैना में आधे से अधिक स्कूल कटकर नदी में समा चुका है। गांव का अस्तित्व खतरे में है।
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रविवार को सरयू नदी के जलस्तर में शनिवार की तुलना में 10 सेमी. की कमी आई। सरयू नदी का जलस्तर 118 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर कम होने से जहां लोगों को मामूली राहत मिली थी तो वहीं तेज कटान से शंकरपुरवा में हरी का घर नदी में कटकर समा गया।
अमरजीत व रामचंद्र के मकान कटान की कगार पर पहुंच गए हैं। इसी गांव के शंकर ने बताया कि पुरवा में अभी करीब 10 लोगों के मकान बचे हैं। यदि कटान रोकने का कोई ठोस व मजबूत इंतजाम नहीं किया गया तो पूरा गांव नदी में समाहित हो जाएगा। यही हाल सोनरख पुरैना का भी है। जहां बना प्राथमिक विद्यालय ही गांव की अंतिम पहचान के लिए शेष है। रविवार को सरयू की तेज लहरें स्कूल को तेजी से काटती रही।
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स्कूल का आधा से अधिक हिस्सा कटाने में समा चुका है। स्कूल की बिल्डिंग नदी में समाते ही सोनरख पुरैना गांव का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। सिंचाई विभाग के जेई संजीव उपाध्याय का कहना है कि बाढ़ व कटान रोकने के भारी भरकम इंतजाम व प्रयास किये गए है। परियोजनाओं पर कार्य भी तेजी से हो रहा है। वहीं द्वितीय वाहिनी पीएसी का बाढ़ राहत दल अपनी टीम के साथ चहलारी घाट पर कांवड़ यात्रा को लेकर मुस्तैद नजर आये।

कटान पीड़ितों को मिले रोजगार
पीड़ित राकेश, शिवमंगल, अवध, अनिल, रमदेई व हरी आदि परिवार अपना आशियाना व खेती योग्य जमीन खोने के बाद तटबंध पर जीवन गुजार रहे हैं। राकेश, शिव मंगल व तेजराम ने बताया कि बाढ़ व कटान से बचाने लिये ठोकर निर्माण के लिए जो पत्थर ट्रक से आता है। उसे उतारने के लिए ठेकेदार द्वारा पीड़ितों से काम नहीं लिया जाता है। बल्कि बाहर से मजदूर लाकर काम करवाया जाता है। यदि हम लोगों को तटबंध पर चल रहे कार्यों में मजदूरी ही दे दी जाए तो हम सबके परिवार भुखमरी से बच सकते हैं। कटान पीड़ितों ने बताया कि हम लोगों ने जिलाधिकारी व उपजिलाधिकारी से मांग की थी कि गांव में होने वाले सभी कार्यों में हम सबको मजदूरी देने की अनिवार्यता कर दी जाए। ताकि हमारे परिवार का भरण पोषण हो सके। इस मांग पर अब तक केवल आश्वासन ही मिलता रहा है।
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जिनके आशियाने कटे, उन्हें दिलाएंगे अनुदान
जलस्तर कम होने से कुछ राहत मिली है। कुछ जगहों पर कटान की जानकारी मिली है। जिनके घर कट गए हैं, उन्हें अनुदान राशि दिलाई जाएगी।
सुखवीर सिंह, तहसीलदार महमूदाबाद
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