सीतापुर। जिला अस्पताल की ओपीडी शनिवार को खुली तो हर तरफ मरीजों की भीड़ ही भीड़ नजर आई। सबसे अधिक मरीज बच्चों की ओपीडी में दिखाई दिए। चिकित्सकों ने बताया इस समय बच्चे अधिकतर बुखार व खांसी का शिकार हो रहे है। दूसरी ओर, दंत रोग विभाग में चिकित्सक न होने से तमाम मरीज बिना इलाज के ही वापस लौट गए।
जिला अस्पताल में रक्षाबंधन पर अवकाश के चलते ओपीडी सेवाएं बंद थी। शनिवार को जब सुबह ओपीडी खुली तो हर तरफ भीड़ ही भीड़ नजर आई। बच्चों की ओपीडी में काफी भीड़ थी, मरीज लाइन में खड़े हुए थे। चिकित्सकों ने बताया कि इस समय अधिकतर बच्चे बुखार, खांसी व जुखाम का शिकार हो रहे है।
फिजीशियन कक्ष में भी मरीजों की तादाद काफी अधिक रही। चिकित्सक डॉ. अनुपम मिश्रा ने बताया इस समय पेट दर्द, सांस व लिवर की बीमारी के अधिक मरीज आ रहे हैं। कई दिनों से लगातार धूप होने से मौसम में बदलाव हुआ है तो बुखार व डिहाईड्रेशन के मरीज भी बढ़ गए हैं। वहीं दंत रोग विभाग में सुबह से ही ताला लगा रहा। यहां पर कोई चिकित्सक न होने से तमाम मरीज आए, वह बिना इलाज के ही वापस लौट गए। त्वचा रोग विशेषज्ञ कक्ष में ताला लगा हुआ था। यहां पर बैठे मरीजों को आयुष्मान कक्ष में भेजा जा रहा था। इससे मरीजों को इलाज कराने में काफी अधिक समय लगा।
तीन से चार घंटे में पूरा हो पाया इलाज
सुबह के समय पर्चा काउंटर पर मरीजों की लंबी-लंबी लाइनें दिखाई दी। इसके बाद मरीज जब इलाज कराने चिकित्सक के पास पहुंचे तो उनके पास भी मरीज काफी अधिक थे। कई घंटों बाद जब मरीज जांच कराने पहुंचे तो यहां पर भी लाइनें लगी मिलीं। इससे मरीजों को पर्चा बनवाने से लेकर जांच व दवा लेने तक करीब चार से पांच घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
चिकित्सकों की कमी के चलते आई दिक्कतें
इस समय अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। चिकित्सकों की कमी के चलते दिक्कतें आ रही है। फिर भी बेहतर इलाज देने का प्रयास किया जा रहा है।
डॉ. आरके सिंह, सीएमएस