सीतापुर। चुनावी दंगल के धुरंधरों को संसद पहुंचने के लिए बुजुर्गों का आशीर्वाद लेना जरूरी होगा। मतदाता सूची में दर्ज बुजुर्गों के आंकड़े इसकी तस्दीक कर रहे हैं। जिले में इस बार 31,87,472 मतदाताओं में बुजुर्ग मतदाताओं की संख्या चार लाख 51 हजार 450 है। इस लिहाज से कुल मतदाताओं में 14.16 फीसदी हिस्सा बुजुर्गों का है।
विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र का पर्व बिना बुजुर्गों के आशीर्वाद से पूरा नहीं होगा। लोकसभा चुनाव को लेकर प्रशासन तैयारियों में जुटा हुआ है। वहीं, राजनीतिक दलों ने भी चुनाव में अपनी दिशा व दशा तय करने को रणनीति बनानी शुरू कर दी है। इस बार के लोकसभा चुनाव में बुजुर्गाें का वोट भी महत्वपूर्ण होगा। जिले की मतदाता सूची में 60 साल के ऊपर के 4,51,450 बुजुर्गों के नाम दर्ज हैं। सीतापुर लोकसभा की बात करें तो 2019 में जीत का अंतर एक लाख 833 मतों का रहा था। इसी तरह मिश्रिख लोकसभा सीट पर एक लाख 672 मतों के अंतर से जीत-हार हुई थी। सियासी जानकार मानते हैं, कि बुजुर्ग मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने को लेकर अधिक संजीदा होते हैं। लिहाजा, प्रत्याशियों को बुजुर्गों के आशीर्वाद के बगैर चुनावी वैतरणी पार करना संभव नहीं होगा।
341 शतकवीर मतदाता
जिले में इस बार 341 शतकवीर मतदाता हैं। इनकी उम्र 100 साल व इससे अधिक है। जबकि 90 से 99 साल की आयु के 7,418 मतदाता हैं। ऐसे मतदाताओं को इस बार घर से मतदान करने की सुविधा मिलेगी।
बुजुर्ग मतदाताओं की संख्या
आयु वर्ग मतदाता
60-69 2,83,508
70-79 1,25,864
80-89 34,319
90-99 7,418
100-109 341