फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीतापुर: ठंड में दे रहे उरद की दाल, बढ़ गई खांसी

Tue, 14 Feb 2023 11:44 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
विज्ञापन
विज्ञापन
सीतापुर। क्या आप डीएम साहब...जी बताएं। साहब, एक शिकायत करनी है, यहां पर जो खाना मिलता है, वह बहुत खराब है। इस समय ठंड का मौसम है और उरद की दाल दी जा रही है। इससे खांसी बढ़ रही है।
विज्ञापन


दाल में नमक इतना अधिक रहता है कि खाना मुश्किल है। दाल कम पानी अधिक रहता है। डीएम बोले ठीक है, मैं इसे नोट करता हूं। इसे दिखवा लूंगा। सीएमएस से जब पूछा तो वह सटीक जवाब नहीं दे पाए। मंगलवार को दोपहर 2.45 जिला अस्पताल के निरीक्षण में कुछ इस तरह की शिकायतें डीएम अनुज सिंह के सामने आईं। इससे डीएम नाराज दिखे।
शहर के तरीनपुर की मुन्नी देवी महिला वार्ड में कई दिनों से भर्ती हैं। वह घर से आया खाना खाती है। उन्होंने डीएम से कहा कि खाना इतना खराब है अधिकतर मरीज उसे नहीं खाते हैं। डीएम इमरजेंसी कक्ष पहुंचे तो एक बेड सीट गंदी मिली। इस पर सीएमएस से पूछा यह गंदी कैसी है। सफाई की क्या व्यवस्था है। कई बेड पर चादर नहीं मिली। इससे डीएम बेहद खफा दिखे। बोले, रोजाना बेड सीट बदली जाए।
विज्ञापन

उसके बाद मेडिकल वार्ड पहुंचे तो एक मरीज ने दवा के बाद भी फायदा न होने की शिकायत दर्ज कराई। इस पर डीएम ने तत्काल चिकित्सक को बुलाकर कहा कि इन्हें दवा उपलब्ध कराओ। इसके बाद वह दूसरे तल पर बने चिल्ड्रेन वार्ड पहुंचे तो लहरपुर की नुसरत बेटी को लेकर एक बेड पर भर्ती थी। डीएम ने पूछा कि बेटी कितने दिन की है। महिला ने बताया कि नौ माह की है। सांस में तकलीफ है।
सीएमएस से पूछा कि यहां पर डॉक्टर कौन है तो बताया कि डॉ. आफाक। इस दौरान बच्ची रोने लगी। सांस में तकलीफ हुई। डीएम ने तत्काल इलाज उपलब्ध कराने को कहा। उसके बाद बच्चे को निमोलाइज के जरिए ऑक्सीजन दी गई।
खाने की शिकायत मिलने पर डीएम रसोईघर पहुंचे। करीब तीन बजे वहां पर एक कर्मी मिला। डीएम ने उसे कमियां दूर करने को कहा। ऐसा न होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।

न्यायालय भी जाएं तो भी बंद न हो जांच
जिला अस्पताल की अल्ट्रसाउंड व एक्स-रे व्यवस्था की अमर उजाला ने मंगलवार के अंक में खबर प्रकाशित की थी। इसका डीएम ने संज्ञान लेते हुए सीएमएस से पूछा कि जांच की कहां व्यवस्था है। इस वे उन्हें पैथालॉजी ले गए। वहां पर रेडियोलॉजिस्ट डॉ. इंद्र सिंह मिले, उनसे कहा कि अगर आप न्यायालय साक्ष्य देने जाते हैं, तब भी कुछ देर तक यहां पर जांच जरूर करें। किसी भी सूरत में जांचें बंद नहीं होनी चाहिए।
सीएमएस से कहा कि दो चिकित्सक हैं। इस तरह प्लान बनाए कि एक चिकित्सक रोजाना जांच के समय मौजूद रहे। डॉ. इंद्र सिंह के अक्सर नदारदर रहने पर डीएम ने नाराजगी भी जताई। डीएम ने सीएमएस से कहा कि जो भी निर्माण कार्य चल रहा है, इसे शीघ्र पूर्ण करा दें। गर्मी आ रही है, इससे मरीजों की संख्या बढ़ेगी। पहले से तैयारी कर लें।

जल्द शुरू होगा ट्राॅमा, आ रही मशीनें ट्राॅमा सेंटर चालू न होने के सवाल पर डीएम ने कहा कि उसे जल्द शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है। कुछ चिकित्सक मिले है और एक्सरे, अल्ट्रासाउंड सहित अन्य जांचों की कुछ मशीनें आने वाली हैं। उम्मीद है कि जल्द ही यह चालू करवा दिया जाएगा।

अलग-अलग रंगों की होगी चादरें
डीएम ने जब बेड सीट गंदी देखी तो सीएमएस से कहा कि इस बेड सीटों को रोजाना बदला जाए। अस्पताल में अलग-अलग रंगों की चादर होनी चाहिए। इसके लिए एक रूट चार्ट बनाया जाए। जिस पर सफाई का समय और दिन अंकित होना चाहिए।

पुलिस नहीं कर रही कार्रवाई... अभी बोलता हूं
डीएम सर्जिकल वार्ड का निरीक्षण करने के बाद बाहर निकले तो एक महिला ने शिकायत की। महोली कोतवाली इलाके के श्यामा ने कहा कि दंबगों ने मारा पीटा है लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। इस पर डीएम ने ओएसडी संदीप से कहा कि इसे नोट कर लो। श्यामा से बोले, आप जाओ। अभी महोली इंस्पेक्टर को बोलते हैं, आपकी शिकायत सुनी जाएगी।

महिला सहायता समूह को मिल सकती जिम्मेदारी
जिला अस्पताल में जब खराब खाने की शिकायत मिली तो डीएम खफा दिखे। सीएमएस से पूछा तो बताया कि एक कंपनी को ठेका हुआ है। इस पर सीएमएस ने सुझाव दिया कि जब ठेके की अवधि समाप्त हो जाए तो क्यों न इसकी जिम्मेदारी महिला सहायता समूह को दी जाए। इस पर डीएम बोले, यह ठीक रहेगा। डीएम ने स्कूलों के खाने की तारीफ की। बोले, कई स्कूलों में गया, वहां पर रसोइयां बेहतर खाना बनाती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें