सीतापुर। जिले के गांजरी क्षेत्र में बृहस्पतिवार को सरयू और शारदा नदी का पानी कम हुआ, लेकिन मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सरयू अब भी खतरे के निशान 119 मीटर पर बह रही है। खेतों से लेकर संपर्क मार्ग तक जलमग्न हैं। इससे ग्रामीणों को नाव से आवागमन करना पड़ रहा है। जलस्तर घटने से कटान का खतरा भी बढ़ गया है। उधर, तीनों बैराजों से बृहस्पतिवार को 3 लाख 79 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है। यह पानी इलाके में पहुंचने पर हालात फिर से बिगड़ सकते हैं।
ब्लॉक रेउसा इलाके में सरयू के तटवर्ती क्षेत्र के ग्रामीणों की परेशानी कम होती नजर नहीं आ रही है। बाढ़ की चपेट में आए रास्तों पर निकलना खतरे से खाली नहीं है। ग्रामीण नाव से आवागमन कर रहे हैं।ग्रामीणों का कहना है कि पानी अभी इतना कम नहीं पड़ा है कि बाढ़ का खतरा टल गया हो।
उधर, रामपुर मथुरा क्षेत्र के फत्ते पुरवा के पास लगे मीटर गेज पर बृहस्पतिवार को सरयू का जलस्तर 119 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान पर है। हालांकि बीते दो दिनों से 119.40 मीटर पर स्थिर सरयू के जलस्तर में 40 सेमी की कमी आई है। इसके बावजूद तटवर्ती बाबाकुटी, अखरी, शंकर पुरवा, अंगरौरा , सोती पुरवा आदि गांवों में बाढ़ पीड़ितों की समस्याएं जस की तस हैं।
अंगरौरा निवासी पुत्ती ने बताया कि कई दिनों बाद जलभराव से कुछ राहत मिली है, किंतु घरों व रास्तो पर भरे कीचड़ के कारण रहना व चलना बहुत मुश्किल है। सुनील ने बताया कि आज बाढ़ के पानी से कुछ राहत मिली तो बारिश मुसीबत बन गई। छोटे से तिरपाल में परिवार समेत रहना कठिन हो रहा है।
निगरानी की जा रही
सरयू के जलस्तर मे कमी आने से स्थिति तेजी से सामान्य हो रही है। बावजूद इसके बाढ़ में लगी टीमों को सतत निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
- शिखा शुक्ला, एसडीएम महमूदाबाद