फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पांच बदमाश मुठभेड़ में गिरफ्तार

विज्ञापन
पुलिस लाइन सभागार में वारदात का खुलासा करते एसपी घुले सुशील चंद्रभान। -संवाल - फोटो : SITAPUR
विज्ञापन
सीतापुर। एक सप्ताह बाद पुलिस ने प्याज व्यापारी से हुई लूट का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि लखनऊ में साजिश रचकर वहां से लूटी गई बाइक से शहर पहुंचे बदमाशों ने व्यापारी से लूट की थी। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल बाइक समेत बैग को भी बरामद कर लिया है। आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
विज्ञापन

बीती 20 जुलाई की सुबह शहर के मोहल्ला कजियारा निवासी मोइन अहमद सुबह करीब पांच बजे घर से स्कूटी लेकर निकले थे। उनके पास करीब सवा लाख रुपये की नकदी थी। जैसे ही वह गल्ला मंडी गेट पर पहुंचे, पीछे से आ रहे बाइक सवार बदमाशों ने डरा धमका कर नकदी छीन ली थी। बदमाश गल्ला मंडी से कांशीराम कॉलोनी की ओर भाग रहे थे तो व्यापारी ने उनका पीछा करना किया था।
रेलवे फाटक के पास बने स्पीड ब्रेकर में मोइन की स्कूटी अनियंत्रित होकर डिवाइडर टकरा गई थी। इस दौरान मोइन के सिर पर चोट लग गई थी। दो दिन पहले इलाज के दौरान मोइन की लखनऊ में मौत हो गई थी। एसपी सुशील चंद्रभान ने प्रेस वार्ता में बताया कि घटना को अंजाम देने वाले रामनगर मिश्रिख निवासी प्रयांशू उर्फ लालू, जिला उन्नाव के थाना सफीपुर गांव बाबर अली निवासी विशाल उर्फ गोल्डी, जिला लखनऊ के थाना पारा के जलालपुर फाटक निवासी मो. फरमान, जिला हरदोई थाना कछौना के गांव समशापुर निवासी अनिल सिंह, मिश्रिख के लोधौरा गांव निवासी ऋषि दीक्षित को कनवाखेड़ा के पास से मुठभेड़ में गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन

जिन्होंने रेकी करने के बाद घटना को अंजाम दिया था। लूट करने की योजना लखनऊ में बनाई गई थी। आरोपी घटना को एक दिन पहले ही अंजाम देना चाहते लेकिन वह असफल हो गए थे। जिस बाइक का इस्तेमाल घटना में किया गया था वह लखनऊ से असलहे के दम पर लूटी गई थी। सभी को जेल भेजने की कार्रवाई की गई है।
मिश्रिख का प्रयांशू निकला मास्टरमाइंड
पुलिस की माने तो मिश्रिख का रहने वाला प्रयांशू योजना बनाने वाला मास्टरमाइंड है। बीते साल अगस्त में मिश्रिख इलाके में एक गुटखा व्यापारी से करीब 30 लाख की लूट करने के बाद बदमाशों ने उसके पैर में गोली मारी थी। उस घटना में प्रियांशू ने ही रेकी कर पूरी योजना बनाई थी। घटना को अंजाम देने वाला विशाल उर्फ गोल्डी था, जिस पर लखनऊ और सीतापुर जिले में करीब 21 केस दर्ज हैं। आरोपियों के पास से 39 हजार 500 रुपये, पांच अवैध तमंचे, आठ कारतूस, घटना में इस्तेमाल होने वाली बाइक व अन्य सामान बरामद हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें