महमूदाबाद (सीतापुर)। पहला और महमूदाबाद ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ शनिवार को अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के बाद मतदान हुआ। पीठासीन अधिकारी की निगरानी में कड़ी सुरक्षा के बीच पहला में 66 व महमूदाबाद में 68 बीडीसी सदस्यों ने मतदान किया। मामला हाईकोर्ट में होने के कारण मतगणना नहीं हुई।
हाईकोर्ट के अग्रिम आदेश तक मतपेटी ट्रेजरी के डबल लॉक में रख दी गई हैं। जिले के पहला और महमूदाबाद ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने 29 सितंबर को डीएम अनुज सिंह से मुलाकात कर हलफनामे सौंपते हुए अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने की अनुमति मांगी थी। नियमानुसार 30 सितंबर को अविश्वास प्रस्ताव की बैठक हो जानी चाहिए थी।
मगर बैठक नहीं होने पर बीडीसी सदस्यों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने 29 अक्तूबर को अविश्वास प्रस्ताव पर बैठक के बाद मतदान कराने का आदेेश दिया था। शनिवार को पहला व महमूदाबाद ब्लॉक मुख्यालय पर अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान को लेकर सुबह से ही गहमागहमी शुरू हो गई। पुलिस व पीएसी बल ने ब्लॉक मुख्यालय को सुरक्षा घेरे में ले लिया। बीडीसी सदस्यों के परिचय पत्र देखकर ही अंदर प्रवेश दिया गया।
दोनों ब्लॉकों में पीठासीन अधिकारियों की देखरेख में सुबह 11 बजे क्षेत्र पंचायत सदस्यों की बैठक प्रारंभ हुई। ब्लॉक पहला की बैठक में 95 क्षेत्र पंचायत सदस्यों में से 67 व महमूदाबाद में 83 क्षेत्र पंचायत सदस्यों मे 68 सदस्यों ने हिस्सा लिया। इसके बाद दोपहर एक से चार बजे के मध्य मतदान प्रक्रिया संपन्न कराई गई। इस दौरान ब्लॉक पहला में उपस्थित 67 क्षेत्र पंचायत सदस्यों में से 66 सदस्यों ने मतदान किया। महमूदाबाद में 68 सदस्यों ने मतदान किया।
डीएम अनुज सिंह, एसपी घुले सुशील चंद्रभान, एडीएम राम भरत तिवारी ने मतदान स्थलों पर पहुंचकर जायजा लिया। महमूदाबाद के पीठासीन अधिकारी पीएल मौर्या व पहला के पीठासीन अधिकारी मिथिलेश त्रिपाठी ने बताया कि मतपेटियां हाईकोर्ट के अग्रिम आदेश तक सीतापुर की ट्रेजरी के डबल लॉक में सुरक्षित रखवा दी गई हैं।
पहला ब्लॉक प्रमुख ने नहीं डाला वोट
पहला के वर्तमान ब्लॉक प्रमुख अजय यादव ने अविश्वास प्रस्ताव के दौरान सदन की बैठक में हिस्सा लिया। उसके बाद मतदान से किनारा कर लिया। अजय यादव ने वोट नहीं डाला। महमूदाबाद ब्लॉक प्रमुख मुकेश वर्मा भी वोट डालने नहीं गए। हालांकि मुकेश वर्मा ने महमूदाबाद में अंतिम मत के रूप में अपना वोट डाला।
सपा ब्लॉक प्रमुखों की बचेगी या छिन जाएगी कुर्सी
पहला व महमूदाबाद में सपा के ब्लॉक प्रमुख हैं। भाजपा खेमा इन प्रमुखों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया है। मतदान के बाद अब सपा प्रमुखों की कुर्सी बचेगी या छिन जाएगी, इसे लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। फैसला जानने के लिए फिलहाल हर किसी को हाईकोर्ट के आदेश का इंतजार है।
भाजपा के जनप्रतिनिधि भी डाले रहे डेरा
पहला और महमूदाबाद में ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी पर कब्जा जमाने को लेकर भाजपा खेमे ने हर जुगत भिड़ाई है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वोटिंग के दौरान भाजपा के कई दिग्गज महमूदाबाद में डेरा डाले रहे। पीडब्लूडी गेस्ट हॉउस में मौजूद रहकर सांसद राजेश वर्मा, जिलाध्यक्ष अचिन महरोत्रा, महमूदाबाद विधायक आशा मौर्या, सिधौली विधायक मनीष रावत, बिसवां विधायक निर्मल वर्मा, पूर्व विधायक लहरपुर सुनील वर्मा, जिला उपाध्यक्ष नीरज वर्मा, नैमिष रत्न तिवारी आदि पूरी प्रक्रिया पर निगाह बनाए रहे।
सत्ता का दुरुपयोग कर रही भाजपा
महमूदाबाद स्थित सपा के पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह वर्मा के आवास पर पार्टी विधायकों का प्रतिनिधि मंडल पहुंचा। सपा हाईकमान की ओर से तीन विधायकों का यह प्रतिनिधि मंडल मतदान प्रक्रिया की निगरानी के लिए भेजा गया था। बाराबंकी सदर से सपा विधायक सुरेश यादव ने कहा कि समाजवादी के लोग पहले भी जीते थे फिर जीतेंगे। भाजपा सरकार संविधान को तो खत्म कर ही रही है, सत्ता का दुरुपयोग कर रही है। जैदपुर विधायक गौरव रावत ने कहा कि भाजपा सरकार लोकतंत्र की हत्या पर आमादा है। पूर्व मंत्री नरेंद्र वर्मा ने कहा कि हम दोनों ब्लॉकों की प्रमुखी जीते थे। अविश्वास प्रस्ताव भी जीतेंगे। कोर्ट पर पूरा भरोसा है।