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बुखार से दो की मौत, 300 बीमार

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पिसावां के हदीरा में बुखार से पीड़ित परिवार। - संवाद - फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। जिले में बुखार से मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। पिसावां व मानपुर इलाके में बुखार से दो युवकों की मौत हो गई। महोली, मानपुर व पिसावां में 300 से अधिक लोग बुखार से बीमार हैं। पिसावां संवाद के अनुसार इलाके के हदीरा निवासी मुनिन्दर (45) को शुक्रवार से ठंड लगकर बुखार आ रहा था। हालत बिगड़ने पर परिजन बीहट लेकर गए। वहां पर इलाज के बाद हालात में सुधार नहीं हुआ।
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इसके बाद मिश्रिख के प्राइवेट अस्पताल में लाए। पेट में दर्द उठने के कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। गांव की शालू (20), रूची (16), प्रमोद (35), संतोष (50), सियाराम (52), सत्यपाल (12), विजय (10), बिमल (5), छुन्ना (14), मिलन (20), रामसहाय (55) सहित करीब 50 लोगों से अधिक लोग बुखार से पीड़ित हैं। सीएचसी अधीक्षक डॉ. संजय श्रीवास्तव ने बताया कि बुखार से मौत की कोई जानकारी नहीं है। अगर बुखार से लोग पीड़ित हैं तो बुधवार को डॉक्टरों की टीम हदीरा भेजी जाएगी।
मानपुर संवाद के अनुसार इलाके के मरसंडा निवासी पंचम (22) को पांच दिन से बुखार आ रहा था। पहले परिजनों से झोलाछाप से इलाज करवाया। हालत बिगड़ने पर लखनऊ लेकर चले गए। वहां पर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। गांव में हरेकृष्ण, अमन, अरुण, वीरेंद्र कुमार, मोनू, आकृति, रमा देवी, गिरिजेश, अरुण, रविशंकर, शुभी, अंजली, अमन पांडेय, श्रीकांत पांडेय, आर्यन, यशी, उर्मिला देवी, सीमा पांडेय सहित करीब 50 से अधिक लोग बीमार हैं। बिसवां सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित कपूर ने बताया कि जानकारी मिली है। टीम भेजी जाएगी।
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महोली संवाद के अनुसार इलाके के मसंदापुर, कुसैला, सढ़ियामऊ, भुड़कुड़ा, बृम्हावली, मूड़ा, मदनापुर, सील्हापुर, कोल्हौरा, अंदापुर, स्वामी दयालपुर, बसवैं, नरनी समेत अन्य गांवों में संक्रमण फैला हुआ है। वहां पर 200 से अधिक लोग वायरल से पीड़ित हैं। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय महोली में 10 बालिकाएं बुखार से संक्रमित मिलीं। सीएचसी अधीक्षक ने बताया कि गांव में बुखार फैलने की जानकारी मिलने पर टीमें भेजी जा रही हैं।
झोलाछाप से इलाज कराने को मजबूर
मानपुर/सीतापुर। मरसंडा के ग्रामीणों का कहना है कि गांव में एडिशनल पीएचसी है। वहां पर डॉक्टर की तैनाती है लेकिन डाक्टर प्रतिदिन स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं आते हैं। मरीज संदीप पांडेय ने बताया कि पीएचसी में बुखार की दवा लेने गया था। डॉक्टर नहीं आए थे। केंद्र में दवा भी नहीं थी। वापस चला आया।
पीएचसी से आधा किलोमीटर दूर खंजहापुर गांव में बुखार से दो लोगों की मौत के बाद कमलापुर सीएचसी की टीम ने इलाज किया था। पड़ोस में पीएचसी होने का ग्रामीण कोई फायदा नहीं उठा पा रहे हैं। बीमार झोलाछाप से इलाज कराने को मजबूर हैं।
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