सीतापुर। बोर्ड परीक्षा का डर छात्राओं से ज्यादा छात्रों को सता रहा है। अब तक हुई परीक्षाओं में गैरहाजिर रहने वाले परीक्षार्थियों की संख्या इसकी तस्दीक कर रही है। छात्राओं की तुलना में छात्र अधिक परीक्षा छोड़ रहे हैं। अब तक इंटरमीडिएट के विभिन्न विषयों में 4759 छात्र व 2498 छात्राएं परीक्षा देने नहीं पहुंची। हाईस्कूल में 4861 छात्र जबकि 2063 छात्राएं अनुपस्थित रहीं। शिक्षकों का मानना है कि पढ़ाई नहीं करने वाले छात्र अब फेल होने के डर से परीक्षा छोड़ रहे हैं।
यूपी बोर्ड हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 16 फरवरी से शुरू हो गई हैं। इंटरमीडिएट की विभिन्न विषयों में 24 फरवरी तक 7257 परीक्षार्थी गैरहाजिर रहे। इसी तरह हाईस्कूल की विभिन्न विषयों की परीक्षा में 6924 परीक्षार्थी पेपर देने केन्द्रों पर नहीं पहुंचे। हाईस्कूल में सबसे अधिक 2326 छात्रों ने गणित की परीक्षा छोड़ दी। हिंदी की परीक्षा देने 2248 छात्र केन्द्रों पर नहीं पहुंचे।
इंटरमीडिएट में हिंदी की परीक्षा से 1708 छात्र, चित्रकला आलेखन की परीक्षा से 852 छात्र तथा अंग्रेजी की परीक्षा में 1637 छात्र अनुपस्थित रहे। शिक्षक सतीश कुमार कहते हैं कि छात्राएं पढ़ाई में छात्रों से अधिक मेहनत करती हैं। छात्र लापरवाही बरतते हैं। खेल-कूद, घमना फिरना या फिर सोशल मीडिया पर समय खराब करते हैं। इसलिए तैयारी अच्छी नहीं हो पाती और परीक्षा छोड़ देते हैं।
इन विषयों में छात्रों से ज्यादा अनुपस्थित रहीं छात्राएं
कई विषयों में छात्रों से अधिक छात्राएं अनुपस्थित रही हैं। इंटरमीडिएट गृह विज्ञान की परीक्षा में 370 छात्राएं जबकि 25 छात्र गैरहाजिर रहे। उर्दू की परीक्षा में 26 छात्राएं व 23 छात्र अनुपस्थित रहे। पाक शास्त्र, परिधान रचना एवं सज्जा, आशु लिपिक टंकण की परीक्षा में 17 छात्राएं व 16 छात्र गैरहाजिर रहे। हाईस्कूल भूगोल विषय की परीक्षा में 910 छात्राएं अनुपस्थित रहीं जबकि 10 छात्र परीक्षा देने नहीं पहुंचे।