रामपुर मथुरा (सीतापुर)। सरयू नदी का जलस्तर घटने के साथ कटान लगातार तेज होती जा रही है। परमगोंडा गांव सरयू की कटान से तबाह हो रहा है। यहां नदी रोजाना कई बीघा खेतों की कटान कर रही है। कटान से किसान भूमिहीन हो रहे हैं। वहीं, गांव में शेष पांच मकानों पर भी कटान का खतरा मंडरा रहा है। धारा लगातार मकानों के पास पहुंच रही है। बुधवार को 10 बीघा खेत फसल समेत कटान की भेंट चढ़ गए। लगातार हो रही कटान से ग्रामीण भयभीत हैं।
सरयू की कटान में परमगोंडा के चार लोग भूमिहीन हो गए हैं। जगतराम की कुल 15 बीघा, शिवराम व श्यामा की 5-5, शिव कुमार की 4 बीघा जमीन नदी में समाहित हो गई है। इनके घर भी सरयू में समा चुके हैं। तटबंध पर शरण लेकर तिरपाल में गुजर-बसर कर रहे इन लोगों का कहना है कि खेत नदी में कट गए।
अब रोजी-रोटी कैसे चलाएंगे, समझ नहीं आ रहा है। कटान बुधवार को भी जारी रही। पिछले 24 घंटे में सरयू नदी की धारा ने रामपाल, राजेश, नंद किशोर व ब्रजेश की डेढ़-डेढ़ बीघा, रामविजय की तीन बीघा, लालजी की एक बीघा बीघा खेती कटान की भेंट चढ़ गई। इस गांव के शेष पांच मकानों की ओर धारा तेजी से बढ़ रही है। शिवकुमार, रामविजय, लालजी, नंदकिशोर व रामअवतार के घर से नदी की धारा महज 25 मीटर दूर है। कटान नहीं थमी तो किसी समय यह घर सरयू में समा सकते हैं। कटान के डर से ग्रामीण अपने घर पहले ही खाली कर चुके हैं।
मुआवजे की चल रही प्रक्रिया
बाढ़ व कटान पीड़ितों की नदी में कटी भूमि व मकान का सर्वे करवाया गया है। उन्हें मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया चल रही है। जल्द मुआवजा दिलवाया जाएगा।
- अनिल कुमार, तहसीलदार महमूदाबाद