सीतापुर। जिले के गांजरी इलाके में शारदा और सरयू की बेकाबू लहरें कहर बरपा रही हैं। तराई क्षेत्र में नदियां लगातार कटान करते हुए आबादी की ओर बढ़ रही हैं। मंगलवार को लगभग 57 बीघा खेत कटकर नदी में समा गए।
तंबौर क्षेत्र के रतनगंज में कटान फिर तेज हो गई है। यहां पिछले 24 घंटे में करीब 50 बीघा खेत कटान की भेंंट चढ़ गए हैं। आरसीसी सड़क को नदी की धारा काटते हुए गांव का रुख कर रही है। करीब 38 घर लहरों के निशाने पर हैं। बारिश से मंगलवार को कटान रोधी कार्य भी बाधित रहा। पिछले 24 घंटे में सुरेश, कमलेश, पैकरमा, महेश, अख्तर, सोहराब व सलामुद्दीन आदि की लगभग 50 बीघा कृषि भूमि नदी में समा गई है।
वहीं, रेउसा और रामपुर मथुरा में भी धीमी गति से कटान जारी है। बैराजों से छोड़े जा रहे पानी की मात्रा में पिछले तीन दिनों से कमी आने पर नदियों का जलस्तर भी घटने लगा था। इस बीच सोमवार की रात से बारिश का सिलसिला शुरू हो गया। इससे नदियों का जलस्तर ठहर गया है। मंगलवार को दूसरे दिन भी सरयू का जलस्तर 118.50 मीटर पर स्थिर रहा। लिहाजा, तटवर्ती क्षेत्र में कटान तेज हो गया है।
पीड़ितों को मुहैया कराई जाए आवश्यक सामग्री
सेवता विधायक ने मंगलवार को रतनगंज में हालातों का जायजा लेने अपने बेटे हिमांश तिवारी व प्रतिनिधि ओमप्रकाश मिश्र को मौके पर भेजा। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं को सुनकर जल्द निस्तारण का आश्वासन दिया।
बारिश रुकते ही चालू होगा काम
सिंचाई विभाग की टीम जेई प्रवेश वर्मा के साथ रतनगंज में कैंप कर रही है। पिछले कई दिनों से करवाए जा रहे कटान रोधी कार्यों की वजह से ही नदी के वेग में कमी आई है। मौसम सही होते ही काम दोबारा शुरू कर नदी का किनारा पूरी तरह कटान से सुरक्षित कर दिया जाएगा।
- पुष्कर वर्मा, एसडीओ सिंचाई