सीतापुर। विकास भवन सभागार में शनिवार को ग्राम चौपाल की वर्षगांठ पर मेले का आयोजन हुआ। जिसमें स्वयं सहायता समूहों की लघु उद्यमी महिलाओं ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया।
नगर विकास राज्य मंत्री राकेश राठौर गुरू ने मेले का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि सरकार गरीबों के लाभ के लिए निरंतर कार्य कर रही है। पूर्व की सरकारें गरीबों व वंचितों के लिए कोई भी लाभ का कार्य नहीं करती थी। उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले एडीओ, सचिवों, प्रधानों व स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
डीएम अनुज सिंह ने बताया कि ग्राम चौपाल का एक वर्ष पूर्ण हो गया है। चौपाल प्रत्येक शुक्रवार को आयोजित की जाती है। विकास भवन परिसर में कंट्रोल रूम स्थापित है, यहां रजिस्टर में समस्याओं को अंकित किया जाता है और उसके निस्तारण का प्रयास किया जाता है। इस मौके पर सीडीओ निधि बंसल, डीडीओ हरिश्चन्द्र प्रजापति, डीसी मनरेगा जितेंद्र मिश्रा, जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज कुमार सहित अन्य अफसर उपस्थित रहे।
बिक्री का करते रहे इंतजार, नहीं हुई बोहनी...
स्वयं सहायता समूह की महिलाएं मेले को लेकर खासा उत्साहित थीं। वह सुबह गांव से उत्पादों को लेकर इस आस से चली थीं कि विकास भवन परिसर में स्टॉल लगाने से सामान की बिक्री हो जाएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बोहनी तक नहीं हुई। काफी मायूस होकर यह बात महोली ब्लॉक के मल्हपुर चौबे के नारी शक्ति स्वयं सहायता समूह की संचालिका सत्यभामा ने कही। वह मक्का के छिलके से बनाई गई टोपी, टोकरी, डलिया, पेन स्टैंड आदि उत्पाद लेकर आई थीं।
जय गुरुदेव स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष ममता यादव ने भी बताया कि चार फ्लेवर के हर्बल साबुन का स्टाॅल लगाया लेकिन बिक्री नहीं हुई। हिंद स्वयं सहायता समूह के दरी उत्पाद, रानी लक्ष्मीबाई समूह के जूट के बैग, लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह की ओर से मूंज और कांस से बनाई टोकरी, पूजा बॉक्स, फ्लावर प्लेट, आरजू समूह की ओर से जलकुंभी से बनाए गए उत्पादों की बिक्री नहीं हो सकी। दबी जुबान चर्चा रही कि अगर कोई अधिकारी ही उनकी बोहनी करवा देता तो कुछ प्रोत्साहन मिल जाता।