रेउसा(सीतापुर)। हाल ही में बाराबंकी जनपद में एक्सपायर्ड दवा जलाने के बाद निकले धुएं से कई बच्चे बीमार हो गये थे। इसके बावजूद जिले के अफसर सीख नहीं ले रहे। सीएचसी रेउसा में कई एक्सपायर्ड दवाएं खुले में ही डाल दी गई जबकि जिम्मेदार अफसर यहीं से रोजाना निकलते हैं।
अगर मरीजों को समय से यह दवाएं बांट दी गई होती तो शायद इनकी ऐसी दुगर्ति न होती। रेउसा सीएचसी में आयरन की करीब 20 से 30 सीरप खुले में ही पड़ी हुई है। इन दवाओं के उत्पादन की तिथि 8 अक्तूबर 2020 अंकित है। जबकि मार्च 2022 एक्सपायर्ड तिथि दर्ज है।
मरीज रमेश व उदित ने बताया अगर समय रहते इनको बांट दिया गया होता तो शायद इस तरह खराब न होतीं। सीएचसी प्रभारी डॉ. विकास मिश्र ने बताया अगर ऐसा कहीं हुआ है तो कार्रवाई की जाएगी।