पानी के अभाव में किसान नहीं कर पा रहे धान की रोपाई
संवाद न्यूज एजेंसी
लहरपुर/सीतापुर। तीन दिन पहले तेंदुआ माइनर की क्षतिग्रस्त पटरी अब तक दुरुस्त नहीं कराई गई है। इससे पानी आगे नहीं जा पा रहा है। सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलने से किसान धान की रोपाई नहीं कर पा रहे हैं।
दरअसल, विगत शनिवार को क्षेत्र से गुजरने वाली तेंदुआ माइनर की पटरी बरगदवा पुल के निकट दो स्थानों पर कट गई थी। जिससे 50 बीघे से अधिक किसानों की फसल जलमग्न हो गई थी। पानी फसलों को डुबोता हुआ पास के गांव बस्ती पुरवा में प्रवेश कर गया था। क्षतिग्रस्त पटरी की मरम्मत सिंचाई विभाग ने अब तक नहीं कराई है। वर्तमान समय में किसानों को धान की रोपाई के लिए पानी की आवश्यकता है। परंतु माइनर के कट जाने से किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। माइनर का पानी आगे नहीं जाने से क्षेत्र के दर्जिन पुरवा, मूडी खेड़ा, पिपरी, नेवादा, कंजा, दनियालपुर, मुबारकपुर, गोकुलपुर, टकेली, महाराज नगर, तलाहा, पट्टी सरैया, उदय भान पुर, रसूलपुर, रामा लखना, शाहजी पुरवा, इटारी आदि गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। इस तेंदुआ माइनर से ही महाराज नगर व टेवला में दो रजबहा निकले हुए हैं। पटरी कटने से रजबहों में भी पानी नहीं पहुंच रहा है। क्षेत्र के किसान बबलू, रामचंद्र, सुशील, निर्मल वर्मा, संजय प्रधान, युसूफ, कुलदीप वर्मा, मटरू लाल, रामचंद्र वर्मा, सिकंदर वर्मा, श्रीपाल वर्मा, राममिलन वर्मा, राकेश वर्मा आदि ने रोष व्यक्त करते हुए बताया कि जब किसानों को सिंचाई के लिए पानी की आवश्यकता होती है, तब उन्हें सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पाता है। सहायक अभियंता सिंचाई अंशुल वर्मा ने बताया क्षतिग्रस्त पटरी को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं। शीघ्र ही पानी सिंचाई के लिए किसानों को उपलब्ध करा दिया जाएगा।