सीतापुर। मछरेहटा ब्लाॅक की एक ग्राम पंचायत में बीते साल मनरेगा धनराशि का दुरुपयोग किया गया। रोजगार सेवक ने इसकी लोकपाल मनरेगा से शिकायत की। उनकी जांच में शिकायत सही पाई गई। चार लाख रुपये की वसूली के साथ संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति लोकपाल की ओर से बीते साल 30 जून को जिला कार्यक्रम अधिकारी से की गई। बावजूद इसके मामले में कार्रवाई नहीं हो सकी और मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
मछरेहटा ब्लॉक की काकोरी ग्राम पंचायत में पंचायत भवन के निर्माण में मनरेगा एक्ट का दुरुपयोग करने और गांव के मजदूरों से काम न कराने का आरोप रोजगार सेवक संजय कुमार वर्मा की ओर से लगाया गया था। इस मामले को मनरेगा सेल लखनऊ की ओर से 11 मई, 2022 को लोकपाल के संबंधित व्हाट्सएप पर भेजा गया। लोकपाल ने जांच के लिए संबंधित जिम्मेदारों को 23 जुलाई, 2022 और छह मई, 2023 को नोटिस भेजा। जवाब न दिए जाने पर पर दो जून, 2023 को अंतिम अवसर देते हुए दोनों पक्षों को पत्र भेजकर अपने दफ्तर में बयान व स्पष्टीकरण देने के लिए बुलाया, फिर भी कोई नहीं आया।
इससे लोकपाल ने प्रथम दृष्ट्या दोष सिद्ध पाते हुए कार्रवाई की संस्तुति 30 जून को की। उन्होंने कॉकोरी ग्राम पंचायत के संबंधित कार्मिकों से चार लाख की वसूली के साथ ही विधिक, विभागीय कार्रवाई करने की संस्तुति की। इस संबंध में लोकपाल मनरेगा डाॅ. अरविंद प्रताप सिंह यादव ने बताया कि अभी तक कार्रवाई नहीं की गई है।