फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sitapur: चहलारी से तंबौर तक बनेगा 21 किमी लंबा तटबंध, बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए दिए गए निर्देश

Tue, 18 Oct 2022 04:24 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
विज्ञापन
बाढ़ग्रस्त लोगों से बातचीत करते लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद। - फोटो : SITAPUR
विज्ञापन

सीतापुर जिले में बाढ़ प्रभावित इलाके का दौरा करने आए मंत्री समूह के सामने गांजर के लोगों ने चहलारी घाट से तंबौर तक 21 किमी. लंबे तटबंध का निर्माण की मांग उठाई। ग्रामीणों ने कहा कि बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान तटबंध का निर्माण है। मंत्री समूह ने तटबंध निर्माण के लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।

विज्ञापन


बिसवां तहसील क्षेत्र के बाढ़ ग्रस्त जैतहिया गांव और मारूबेहड़ बाढ़ राहत चौकी का मंत्री समूह ने मुआयना किया। बाढ़ पीड़ितों की समस्याएं जानी और शीघ्र समाधान के लिए डीएम को निर्देशित किया। प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद, व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग मंत्री कपिल देव अग्रवाल एवं संसदीय कार्य, चिकित्सा शिक्षा व चिकित्सा स्वास्थ्य परिवार कल्याण राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह सोमवार को जिले की बिसवां तहसील के बाढ़ प्रभावित रेउसा इलाके में पहुंचे। मंत्री समूह ने बाढ़ ग्रस्त जैतहिया गांव में महिलाओं की समस्याएं सुनीं। वहां आवास तथा शौचालय की समस्या उठाई गई। मंत्री समूह ने बीडीओ रेउसा को सभी परिवार में शौचालय बनवाने तथा पात्रों की सूची तैयार करते हुए आवास आवंटित किए जाने के निर्देश दिए।

जंगल टपरी गांव की पुलिया का निरीक्षण किया, जहां पुलिया के ऊपर अभी पानी भरा हुआ है। मंत्री समूह ने प्रधान से पूछा कि ग्रामीणों को क्या-क्या सुविधाएं नहीं मिली हैं। इसके बाद अधिकारियों को सभी सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए। गौलोक कोडर के जैतहिया गांव पहुंचकर समस्याएं सुनी और धान के खेत में जाकर फसल का जायजा लिया। सीएमओ डॉ. मधु गैरोला को दवाओं का खास इंतजाम करने को कहा।
विज्ञापन


मारूबेहड़ बाढ़ राहत चौकी पर ग्रामीणों ने मंत्री समूह को ज्ञापन सौंपकर बाढ़ के स्थायी समाधान को लेकर चहलारी घाट से तंबौर तक तटबंध निर्माण की मांग उठाई। इस पर मंत्री समूह ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इस मौके पर महमूदाबाद विधायक आशा मौर्या, डीएम अनुज सिंह, एसपी घुले सुशील चन्द्रभान, एडीएम राम भरत तिवारी, एएसपी उत्तरी डॉ. राजीव दीक्षित, एसडीएम बिसवां पीएल मौर्य, उपजिलाधिकारी न्यायिक राखी वर्मा, अधिशासी अभियन्ता सिंचाई विशाल पोरवाल सहित संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

पीड़ितों को बांटी राहत किट
मंत्री समूह ने बाढ़ पीड़ितों को लाई, राशन किट, आलू, तिरपाल व महिलाओं को डिग्निटी किट का वितरण किया गया। डिग्निटी किट में सैनिटरी पैड, साबुन, तौलिया, सूती कपड़ा, ढक्कन सहित बाल्टी है। राहत सामग्री में आटा, चावल, भुना चना, अरहर दाल, नमक, हल्दी, साबुन, मिर्च, धनिया, मोमबत्ती, माचिस, बिस्किट, रिफाइन्ड तेल एवं गुड़ आदि शामिल है।

चौपाल लगाकर ग्रामीणों से की बात
मारूबेहड़ बाढ़ राहत चौकी पर मंत्री समूह ने चौपाल लगाकर ग्रामीणों से संवाद किया। लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि गांजर क्षेत्र के लोगों का जीवन बहुत ही कठिन होता है। जहां अन्य क्षेत्रों में साल में तीन-तीन फसलें होती हैं वहीं बाढ़ प्रभावित क्षेत्र होने के कारण यहां मुश्किल से दो फसलें ही हो पाती हैं। घर व खेत नदी में समा जाते हैं। इसलिए हम लोगों ने यहां का भ्रमण कार्यक्रम रखा है। वास्तविक धरातल स्थिति क्या है, इसकी जानकारी हासिल कर सकें। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास हर पीड़ित को मदद मुहैया कराने की है। उन्होंने कहा कि जिनको आवास नहीं मिला है उसकी भी सूची बन रही है, जिनकी फसलें नष्ट हो गई हैं, उनका भी सर्वे कराकर मुआवजे की व्यवस्था की जा रही है।

मुख्यमंत्री को सौंपेंगे निरीक्षण रिपोर्ट
बिसवां। मंत्री समूह बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा बैठक के लिए बिसवां पहुंचा। वहां समीक्षा तो नहीं की गॉड आफ ऑनर लेने के बाद बंद कमरे में पार्टी के नेताओं और डीएम व एसपी के साथ वार्ता कर चले गए। लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद और मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि निरीक्षण में बाढ़ पीड़ितों की जो समस्याएं सामने आई हैं, उनके निस्तारण को लेकर अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। मंत्री समूह ने बताया कि निरीक्षण रिपोर्ट मुख्यमंत्री को दी जाएगी। इस मौके पर बिसवां विधायक निर्मल वर्मा, पूर्व विधायक महेंद्र यादव, राजकुमार जैन, पीयूष मौर्या, आलोक गुप्ता, कौशलेंद्र वर्मा आदि मौजूद थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें