सीतापुर। लखनऊ से आई बिजली विभाग की विजिलेंस टीम ने खैराबाद इलाके के एक फ्लोर मिल में बड़ी बिजली चोरी पकड़ी है। मीटर के अंदर डिवाइस लगाकर रीमोट से बिजली चोरी की जा रही थी। ऑनलाइन मॉनिटरिंग में कम बिलिंग पर शक हुआ तो अफसरों ने छापा मारा। अफसरों ने मीटर को सील करके जांच के लिए भेजा है।
खैराबाद इलाके के धनीपुर गांव के पास एमबी फ्लोर मिल है। मिल में 300 किलोवाट का बिजली कनेक्शन है। बिजली विभाग का मानना है कि बड़े कनेक्शनधारकों की मॉनिटरिंग लखनऊ से होती है। सालभर से औसतन पहले की अपेक्षा कम बिलिंग हो रही थी।
लखनऊ से एक विजिलेंस टीम जांच के लिए मिल पहुंची। टीम में शामिल अधीक्षण अभियंता अशोक कुमार व अधिशाषी अभियंता प्रभाकर व पवन कुमार ने मीटर को जांचा। मीटर बाहर से सील था। लेकिन लोड व खपत का आंकलन किया तो शक हुआ। अफसरों ने मीटर को खोला तो उसमें डिवाइस लगी थी। डिवाइस के जरिये मीटर को रीमोट से नियंत्रित किया जा रहा था। सूचना पर अधिशाषी अभियंता द्वितीय व मीटर विभाग के अफसर भी मौके पर पहुंचे और मीटर को सील कर दिया गया।
एक माह में दो से तीन लाख का आता था बिल
इस मिल का प्रत्येक माह दो से तीन लाख के बीच बिजली बिल आ रहा था। विभाग का कहना है कि खपत के अनुसार कम से कम पांच लाख का बिल आना ही चाहिए। इसी आधार पर शक हुआ।
दो से तीन साल से चल रहा था खेल
बिजली विभाग का कहना है कि मिल में करीब तीन साल से बिजली चोरी चल रही थी। विभाग को प्रतिमाह एक से दो लाख के बीच राजस्व का नुकसान हो रहा था। नए सिरे से आंकलन करके बिल बनाया जाएगा।
जिले में इस तरह का पहला मामला
बिजली विभाग के सूत्रों का कहना है कि जिले मे इस तरह का यह पहला मामला है। इसमें संबंधित आपूर्तिकर्ता मीटर कंपनी से जुड़े लोग शामिल हो सकते हैं। इस तरह का एक रैकेट चल रहा है। कई जिलों में इस तरह की शिकायतें आई हैं।
सील कर दिया मीटर
लखनऊ से आई विजिलेंस टीम ने मिल में बड़ी चोरी पकड़ी है। मीटर सील कर दिया गया है। अब आगे की कार्रवाई भी जल्द की जाएगी।
- दिलीप कुमार गुप्ता, अधिशाषी अभियंता द्वितीय