आंधी पानी में खैराबाद के हटौरा में टूटकर गिरा पोल- संवाद
सीतापुर। जिले के करीब दो हजार गांवों में बृहस्पतिवार को लगातार दूसरे दिन बिजली आपूर्ति चालू नहीं हो पाई। बुधवार को आंधी व बारिश के दौरान तारों पर पेड़ गिरने, जंफर उड़ने व तार टूटने के बाद बिजली विभाग की टीमें मरम्मत करने में जुटी हैं। शहर की तो बिजली आपूर्ति बहाल हो गई मगर गांवों में संकट बना हुआ है। देवगवां उपकेंद्र से जुड़े करीब 150 गांवों में बुधवार को ठप हुई बिजली आपूर्ति दूसरे दिन भी चालू नहीं हो पाई। क्षेत्र के लोग बेहद परेशान हैं। घरों में पंखे-कूलर बंद पड़े हैं, मोबाइल चार्जिंग नहीं हो पा रही है। सबसे बड़ी समस्या पानी की हो रही है। बिजली न होने से ट्यूबवेल भी बंद हैं। ऐसे में गांवों में पानी का संकट गहरा रहा है। एसडीओ अमित द्विवेदी ने बताया कि हुसैनगंज के पास मिलिट्री फार्म क्षेत्र में 33 केवीए का तार आंधी में टूट गया था। मरम्मत का कार्य तेजी से चल रहा है। कंदुनी पावर हाउस से जुड़े करीब 200 गांवों में बिजली आपूर्ति ठप चल रही है। रमेश व राकेश ने बताया कि कम से कम 10 बार शिकायत कर चुके हैं। हर बार आश्वासन मिल रहा है। बिजली न आने से बहुत दिक्कत हो रही है। बांसुरा उपकेंद्र से जुड़े 300 गांवों में संकट बना हुआ है। 10 से अधिक स्थानों पर तारों पर पेड़ की डाल टूटकर गिर गई है। बिजली के 15 खंभे भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इनकी मरम्मत करने में समय लग रहा है। तंबौर उपकेंद्र से जुड़े 250 गांवों में भी बुधवार से बिजली आपूर्ति ठप है। बभनेवा उपकेंद्र से जुड़े 300 गांवों में तार टूटने की अधिक घटनाएं हुई हैं। इससे इन गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित है। इसी तरह पिसावां, मिश्रिख, महमूदाबाद, सिधौली, बिसवां सहित अन्य इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप है।