सीतापुर। जिले में तीन दिन पहले आई आंधी की वजह से करीब 100 गांवों में बिजली आपूर्ति अभी तक बहाल नहीं हो सकी है। लंबी कटौती के चलते घरों के इन्वर्टर से लेकर मोबाइल डिस्चार्ज पड़े हैं। खेतों में सिंचाई नहीं हो पा रही है। उपभोक्ता बिजली आने के इंतजार में बार-बार शिकायत कर रहे हैं। बिजली विभाग का कहना है खंभे टूटने की वजह से इन्हें लगाने में समय लग रहा है।
मिश्रिख उपकेंद्र से जुड़े कल्ली चौराहा इलाके में तीन दिन से बिजली आपूर्ति ठप है। इसके चलते कल्ली चौराहा, उत्तरधौना, पच्चीसा, भटपुर, रूपपुर, करखिला, रौसिगपुर, काशीपुर, खरगापुर, हरसानी, बानपुर, प्रतापुर, हाजीपुर, घुंडी, मढिय़ा, सहावपुर, उदयईपुर, श्रीनगर, मेहंदिया, पलहवापुर, जुगल मरेली, तरसावां सहित करीब 50 गांवों में बिजली गुल है। ग्रामीणों का कहना है लाइनमैन प्रमोद कुमार सही से काम नहीं कर पा रहे हैं। आए दिन लाइन बंद रहती है।
ग्राम भटपुर के रजनीश कुमार, पिंटू, अवधेश कुमार, श्रीराम, पंकज व हरिद्वार सहित तमाम ग्रामीणों ने बिजली सप्लाई बंद होने से आक्रोशित होकर प्रदर्शन किया। तंबौर उपकेंद्र से जुड़े गांवों में भी कुछ इसी तरह का हाल बना हुआ है।
बुधवार रात आंधी आने के बाद बेहटा फीडर से जुड़े लौकी कुरतहिया के पास खेतों में लगे चार खंभे टूट गए थे। विभाग द्वारा अभी तक इन्हें ठीक नहीं किया गया है। इससे कुरतहिया के पास पोल से तार खोलकर पीछे के गांवों को बिजली दी जा रही है।
उसके आगे के ऊंचगांव, अदवारी, रकबा, मंशब खां पुरवा, सोनवा, बेदौरा व हाजीपुर सहित करीब 50 गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित है। सोनावा निवासी महेंद्र जायसवाल, अनिल जायसवाल, जयसिंह, हरीलाल आदि ने बताया बिजली कब आएगी। इसके बारे में कोई भी अफसर सही जानकारी नहीं दे रहा है।
भवानीपुर का बहुत बुरा है हाल
शहर से सटे भवानीपुर उपकेंद्र का हाल बहुत ही बुरा बना हुआ है। श्रीनगर मोहल्ले में आंधी आने के 24 घंटे बाद बृहस्पतिवार को बिजली बहाल हुई थी, लेकिन महज 10 मिनट ही बिजली आई। इसके बाद तार जल गए। इसके चलते फिर से आपूर्ति ठप हो गई। मोहल्ले के लोग बहुत ही परेशान रहे। वहीं विकास नगर मोहल्ले में बीती रात करीब 12 बजे अचानक बिजली गुल हो गई। करीब तीन घंटे बीत जाने के बाद भी आपूर्ति बहाल नहीं हुई। इन्वर्टर डिस्चार्ज होने से लोगों की नींद खराब हुई। इससे आक्रोशित होकर उपभोक्ता भवानीपुर उपकेंद्र भी पहुंचकर आक्रोश जताया। उसके बाद सुबह करीब पांच बजे बिजली बहाल हो पाई। इससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उपभोक्ताओं का कहना है अगर फॉल्ट हो जाती है तो कर्मचारी सुनते नहीं है। कई बार फोन करना पड़ता है। उच्चाधिकारियों से शिकायत के बाद भी आपूर्ति बहाल होने में घंटों गुजर जाते है।