खैराबाद। थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किसान मंगलवार को सिंचाई के दौरान करंट की चपेट में आ गए। हादसे में किसान की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। उस दौरान उनका बेटा भी मौजूद था। उनके सामने ही किसान ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने बिजली विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
अकबरगंज गांव निवासी शिवचरन (44) सोमवार देर रात घर से खेत में पानी लगाने के लिए अपने बेटे सुधीर के साथ गए थे। वे खेत में अपने नलकूप को चलाकर सिंचाई करने लगे। इस दौरान खेत के पास लगे ट्रांसफॉर्मर के खंभे से पानी में करंट पहुंच गया। जैसे ही शिवचरन ने पानी भरे खेत में कदम रखा, वे करंट की चपेट में आ गए। पिता को करंट से झुलसता देखकर बेटे सुधीर ने ग्राम प्रधान को फोन कर घटना की सूचना दी। प्रधान ने बिजली विभाग को फोन कर लाइन कटवाई। हालांकि, तब तक काफी देर हो चुकी थी। बेटे के सामने ही पिता की दर्दनाक मौत हो गई।
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। थाना प्रभारी नीरज सिंह ने बताया कि किसान खेत में सिंचाई कर रहे थे। इस दौरान करंट लगने से उसकी मौत हुई है। परिजनों ने लिखित में कोई आरोप नहीं लगाया है।
बेटे का दावा, पुलिस ने बदलवाई तहरीर
मृतक किसान के बेटे सुधीर ने बताया कि हमने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया था। पुलिस को भी यह बात बताई थी। इसी से संबंधित तहरीर भी लिखी थी। जिसे पुलिस ने बदलवा दिया।
पिता की मौत से सदमे में पुत्र
किसान शिवचरन जिस समय अपने नलकूप से खेत में सिंचाई कर रहे थे। उस समय उनका बेटा सुधीर सामने ही खड़ा था। यह दर्दनाक हादसा उसके आंख के सामने हुआ। वह चाहकर भी पिता को बचा नहीं सका। जब तक बिजली विभाग ने शटडाउन किया, तब तक पिता शिवचरन ने उसकी आंखों के सामने दम तोड़ दिया। इस हादसे के बाद से ही सुधीर सदमे में है। बार-बार यही कह रहा है कि वह अपने पिता की जान बचा नहीं सका। मृतक के परिवार में बेटे सुधीर के अलावा पत्नी शिवकुमारी और बेटा अंकुल है।
निजी कंपनी के टावर के लिए है ट्रांसफॉर्मर
ग्रामीणों के मुताबिक शिवचरन के खेत में जिस लाइन से नलकूप संचालित होता है, उसमें करंट नहीं उतर रहा था। ट्रांसफार्मर खेत से 400 मीटर दूर एयरटेल व जियो कंपनी के टावर तक बिजली आपूर्ति के लिए रखा गया है। वही, हादसे का सबब बना। परिजनों ने बिजली विभाग को हादसे का जिम्मेदार ठहराया है।