सीतापुर। महिला स्वयं सहायता समूह का गठन कर उनका जीविकोपार्जन सहित ग्रामीण महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार करने के कार्य में बाधा आ रही है। इसका प्रमुख कारण विभिन्न मदों में बीते एक साल से तीन करोड़ 17 लाख रुपये से अधिक का बकाया होना है। शासन से यह धनराशि नहीं दी गई है।
जिले में 1599 ग्राम पंचायतें हैं। यहां महिला स्वयं सहायता समूहों के गठन समेत अन्य कार्यों के लिए धनराशि की आवश्यकता होती है, जिससे समूहों का बेहतर ढंग से संचालन हो सके और उन्हें जीविकोपार्जन की दिक्कत न होने पाए। समूहों के बेहतर संचालन के लिए प्रति समूह 15 हजार रुपये रिवॉल्विंग फंड दिया जाता है। इस मद का एक करोड़ पांच लाख बकाया है। समूह के गठन के बाद शुरुआत में उन्हें चलाने के लिए ढाई हजार रुपये दिए जाते हैं।
इसके तहत 45 लाख रुपये बकाया हैं। समूहों के गठन का 40 लाख रुपये बकाया है। संकुल स्तरीय समूहों को स्टार्ट अप के लिए प्रति संकुल साढ़े तीन लाख रुपये दिए जाते हैं। इस मद में बीत साल का करोड़ 19 लाख रुपये बकाया है। साथ ही ग्राम संगठन की धनराशि भी बकाया है। जिला मिशन प्रबंधक मृगांक शेखर उपाध्याय ने बताया विभिन्न मदों में बकाया धनराशि की मांग की जा चुकी है। धनराशि का आवंटन होने पर भुगतान किया जाएगा।