खैराबाद (सीतापुर)। भवानीपुर में महिला की हत्या करने वाले शातिर का खौफ अब भी बरकरार है। परिजनों ने पुराने रिवाजों और परंपराओं को दरकिनार कर महिला का अंतिम संंस्कार गांव में न कर हुसैनगंज में किया। पति का इलाज लखनऊ ट्राॅमा सेंटर में चल रहा है। उसकी हालत खतरे से बाहर है।
भवानीपुर में भारत यादव और उनकी पत्नी आशा देवी पर मंगलवार रात सोते समय फायर झोंक दिया गया था। फायरिंग के बाद धारदार हथियारों से वार किए गए थे। वारदात में आशा की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि भारत का इलाज चल रहा है। पोस्टमार्टम के बाद आशा का शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
आमतौर पर आशा के पूर्वजों और परिजनों का अंतिम संस्कार भवानीपुर में ही होता था, लेकिन घटना से दहशत में आए परिजनों ने गांव में ठहरना मुनासिब नहीं समझा। अंतिम संस्कार देहात कोतवाली क्षेत्र के हुसैनगंज में किया गया। आशा के पुत्र सोनू ने बताया कि आरोपी भैनू और उसके परिजनों से हम सभी को खतरा है। इसलिए गांव में अंतिम संस्कार नहीं किया।
आशा को नौ बार तो भारत को छह बार मारा बांका
आशा का पोस्टमार्टम बुधवार को किया गया। सूत्रों के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आशा को नौ बार बांका मारे जाने की पुष्टि हुई है। इतना ही नहीं उसके पति भारत को भी छह बार बांका मारा गया और उसे गोली भी मारी गई है। भारत के शरीर में गोली अभी फंसी हुई है। हालत बेहतर होने के बाद ऑपरेशन कर गोली निकाली जाएगी।